शाहजहांपुर। शरीर, मन और आत्मा को नियंत्रित करने में योग हमारी बहुत मदद करता है। ऐसे तमाम लोग हैं जिन्होंने इसका प्रत्यक्ष अनुभव किया है। इन लोगों के जीवन में योग ऐसा सुखद परिवर्तन लाया कि अब न केवल पूर्ण स्वस्थ महसूस करते हैं बल्कि अधिक ऊर्जा से अपनी दिनचर्या गुजारते हैं। अब ये लोग दूसरों को भी योग अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
पति की मौत के बाद मानसिक तनाव से मिला छुटकारा
कुसुम मिश्रा 2002 से योग कर रही हैं। उनके पति सतीश चंद्र मिश्रा ओसीएफ कर्मचारी थे। 2005 में उनका निधन हो गया। पति के निधन के बाद वह मानसिक तनाव में रहने लगीं थीं। डायबिटीज भी हो गई थी। किसी तरह खुद को और परिवार को संभाला, फिर से योग करना शुरू किया। कुसुम ने बताया कि योग करने से मानसिक तनाव दूर हुआ, साथ ही डायबिटीज की समस्या से भी छुटकारा मिल गया। आज एकदम स्वस्थ हूं। दूसरों से भी योग को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
थायराइड की समस्या से मिली निजात
मंजू गौतम ने बताया कि उन्हें थायराइड की समस्या थी। इसके साथ ही कमर दर्द रहता था। कंधे दर्द करते थे। कोई काम नहीं हो पाता था। डॉक्टरों से संपर्क किया, दवाइयां ली। बहुत समय तक लाभ नहीं मिला। इसके बाद सुबह टहलना शुरू किया। दूसरे लोगों को योग करते देखकर योग प्रशिक्षक से संपर्क किया। पांच-छह साल से योग कर रही हूं। अब मेरी थायराइड की बीमारी दूर हो गई है। पहले से अधिक ऊर्जावान महसूस करते हैं।
सर्वाइकल होने के कारण रहती थी परेशान
अर्चना दीक्षित ने बताया कि तीन साल से योग कर रही हूं। योग को अपनाने का कारण सर्वाइकल की समस्या थी। सर्वाइकल होने की वजह से गर्दन से लेकर शरीर के बायें हिस्से में दर्द रहता था। डॉक्टर भी दिक्कत से निजात नहीं दिला पाए। तब पति राजेश दीक्षित के साथ कैंट में टहलने जाना शुरू किया। फिर योग करने जाने लगे। योग से इतना फायदा हुआ है कि सर्वाकइल की समस्या खत्म हो गई है। अब सबकुछ ठीक है। योग अपनाने के बाद में जीवन में बहुत परिवर्तन आया है।
हार्ट अटैक पड़ने के बाद योग से मिली राहत
देवी प्रसाद इंटर के पूर्व प्रधानाचार्य ललित मोहन ने बताया कि चार साल पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ओसीएफ रामलीला मैदान में योग शिविर का आयोजन हुआ था। तत्कालीन डीआईओएस ने स्कूल के बच्चों को शिविर में लेकर आने के निर्देश दिए थे। उसी समय से योग करना शुरू किया था। फिर सितंबर 2020 हार्ट अटैक पड़ गया। योग प्रशिक्षक अवधेश मणि त्रिपाठी के संपर्क में आए। फिर अनुलोम, विलोम करना शुरू किया। डायबिटीज होने पर मंडूक आसन, पवनमुक्तासन किया। मानसिक तनाव को कम करने के लिए ब्रह्मरी मस्तिष्क है। योग करने से राहत मिली। अब योग करने के बाद अच्छा महसूस करने लगे हैं।
एलोपैथिक दवा नहीं खाई, योग से हुए निरोगी
रवि गुप्ता ने बताया कि योग करते हुए 11 साल हो गए हैं। बैंडमिंटन खेलता था। उसी समय मुझे टेनिस एल्बो हो गया। कुछ समय बाद सर्वाइकल और लंबर पेन (कमर दर्द) की दिक्कत हो गई। डॉक्टर ने ढेर सारी दवाइयां लिखने के साथ ही टेनिस छोड़ने की सलाह दी। मैंने दवाइयां खाने से इनकार कर दिया। इसके बाद योग शुरू किया। धीरे-धीरे सभी बीमारियों से छुटकारा मिलना शुरू हो गया। अब खुद को स्वस्थ महसूस करता हूं। योग से बहुत राहत मिली है।
डायबिटीज और पथरी की समस्या से निजात मिली
सराफा व्यापारी विपिन रस्तोगी ने बताया कि उन्हें डायबिटीज की समस्या हो गई थी। इसके साथ ही पथरी भी हो गई थी। इसको करीब 15 साल हो गई है। बीमार होने पर योग प्रशिक्षक से संपर्क किया। उनकी प्रेरणा से योग करना शुरू किया। योग करने से डायबिटीज की समस्या से छुटकारा मिला। इसके बाद पथरी से भी निजात मिल गई। योग से लाभ होने पर दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। योग की जानकारी देते हैं।
रानू ने योग को बनाया कॅरियर
तिलहर के मोहल्ला भक्शी निवासी योगाचार्य अखंड प्रताप शर्मा उर्फ रानू परमार्थी ने योग को ही अपना रोजी-रोटी का जरिया बना लिया। बचपन में बीमार रहने वाले रानू ने योगासन की किताब देखकर योग करना शुरू किया था। 2008 में बाबा रामदेव के संपर्क में आने के बाद योग को लेकर अलख जग गई। इस बीच वह भयंकर हादसे में घायल हुए। उनकी जान बचने पर डॉक्टर भी अचंभित रह गए। बीपीएड करने कर अनुदेशक की नौकरी करने वाले रानू परमार्थी अब आयुष विभाग में योग वेलनेस सेंटर पीलीभीत में योग प्रशिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इतने वर्षों में सैकड़ों लोगों को योग से जोड़ चुके हैं।
योग से मिली राजधानी तक पहचान
शहर के मोहल्ला घूरनतलैया निवासी पुनीत दीक्षित भावलखेड़ा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बीबीपुर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक हैं। वर्षों पहले बुजुर्गों को योग करते हुए देखकर खुद भी साधक बन गए। शिक्षक होने के बावजूद योग से ही उनकी पहचान है। उन्हें मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की ओर से लखनऊ में सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाले पुनीत ने लखनऊ में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में निर्णायकों को प्रभावित किया था। वह बच्चों को हर सुबह योग कराने के साथ मोहल्ले के सेंटर पर नि:शुल्क योग के आसन कराते हैं।
विपिन रस्तोगी- फोटो : SHAHJAHANPUR
मंजू गौतम- फोटो : SHAHJAHANPUR
अर्चना दीक्षित- फोटो : SHAHJAHANPUR
ललित मोहन- फोटो : SHAHJAHANPUR
पुनीत दीक्षित- फोटो : SHAHJAHANPUR
रानू परमार्थी- फोटो : SHAHJAHANPUR
कुसुम मिश्रा- फोटो : SHAHJAHANPUR