शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने के लिए तिलहर क्षेत्र में कछियानी खेड़ा गांव के पास स्थित हनुमान मंदिर को हटाए जाने के प्रशासनिक प्रयासों के विरोध में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता क्षेत्र के श्रद्धालु ग्रामीणों को लेकर शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। तिलहर से दो ट्रॉलियों में आए श्रद्धालुओं ने खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड से जुलूस निकालकर जमकर नारेबाजी की और कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। बाद में एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री राजेश अवस्थी और मंदिर के पुजारी महंत रामलखन गिरि से ज्ञापन लिया। साथ ही जल्द द्विपक्षीय वार्ता के लिए बैठक बुलाकर समस्या का सर्वमान्य हल निकालने का आश्वासन दिया।
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इसलिए श्रद्धालुओं का भड़क उठा गुस्सा
बीते दिन अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने डीएम को मुख्यमंत्री के नाम दिया था। डीएम ने भी ज्ञापन देने वालों से ही कोई ऐसा रास्ता खोजने को कहा कि मंदिर के पास हाईवे पर फोरलेन का काम पूरा हो सके। उधर, बीते दिन कछियानी खेड़ा समेत मंदिर के आसपास बसे गांवों के श्रद्धालु और ग्रामीण, महंत को साथ लेकर तिलहर के एसडीएम वेद सिंह चौहान से मिले, बताया जाता है कि उन्होंने सीधे सपाट लहजे मेें जवाब दे दिया कि हाईवे का निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए मंदिर को हटाना ही पड़ेगा। इससे श्रद्धालुओं का गुस्सा भड़क उठा और वह अपनी बात कहने के लिए शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर आ गए।
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डीएम से वार्ता को अड़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों को कलक्ट्रेट आने से रोकने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार जीआईसी मैदान पर पहुंच गए, लेकिन वहां मौजूद महंत और श्रद्धालु सीधे डीएम से वार्ता करने को अड़ गए। उन्हें रोकने का प्रयास विफल हुआ तो हाथों में लाल पताकाएं थामकर प्रदर्शनकारी जय श्रीराम, जय हनुमान का उद्घोष करते हुए कलक्ट्रेट कैंपस में दाखिल हो गए। वहां भी उन्होंने देर तक नारेबाजी करने के बाद धरना दे दिया। उस वक्त डीएम कलक्ट्रेट के लॉन में बैठकर प्रशासनिक कार्य निपटा रहे थे। एडीएम प्रशासन धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन उनसे भी प्रदर्शनकारियों ने डीएम से बात कराने को कहा। एडीएम ने उन्हें बताया कि कोरोना वैक्सीन लगी होने के कारण डीएम भीड़ में नहीं आना चाहते, इसलिए उनसे चार-पांच प्रमुख लोग चलकर बात कर लें।
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एडीएम के समझाने पर शांत हुए श्रद्धालु
हालांकि, जब तक वार्ताकारों के नाम तय हुए, डीएम वहां से जा चुके थे। इस पर एडीएम ने नारेबाजी कर रहे ग्रामीणों को शांत कर उनसे बातचीत शुरू की। उन्होंने श्रद्धालुओं की भावनाएं समझते हुए कहा कि दो दिन पहले उन्होंने तिलहर जाकर इस मुद्देे पर वार्ता करने से पहले कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर जाकर उनसे समस्या का निदान खोजने में मदद करने की प्रार्थना की थी।
इस दौरान महंत रामलखन ने कहा कि पहले भी मंदिर को हटाने का प्रयास करने पर कई अलौकिक घटनाएं हो चुकी हैं। जेसीबी खराब होने के साथ कई अधिकारी बीमार चुके हैं। सरकार भी कह चुकी है कि 100 वर्ष और इससे अधिक पुराने मंदिरों का संरक्षण किया जाएगा, इसलिए मंदिर को यथा स्थान बनाए रखा जाए। महंत का यह भी कहना था कि मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना होने के साथ वहां सिद्ध बाबा की समाधि भी बनी है। इस स्थान की प्राचीनता की पुरातत्व विभाग से जांच कराकर हाईवे को सीधा कर दिया जाए तो मंदिर अपनी जगह बना रहेगा और समस्या का समाधान भी हो जाएगा। एडीएम ने इस मसले पर जल्द एनएचएआई के अधिकारियों समेत सभी पक्षों से वार्ता की तिथि तय करने का आश्वासन दिया तो श्रद्धालुओं ने कहा कि इसी लहजे में तिलहर के एसडीएम संतोषजनक तरीके से बात करते तो उन्हें यहां नहीं आना पड़ता।
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प्रदर्शन में यह सभी रहे शामिल
प्रदर्शन में राष्ट्रीय बजरंग दल, गौरक्षा संघ, हिंदू युवा वाहिनी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आदि संगठनों से जुड़े मुनिराज सिंह, कृष्ण कुमार सक्सेना, निर्झर झा, अग्रिवेश गुप्ता, राजेश सिंह, पं. राम निवास, संजीव कुमार, बबलू वर्मा सिद्धार्थ गुप्ता, अभिषेक राठौर, कुलदीप गुप्ता, रंजीत गंगवार, सुरेंद्र पाल वर्मा, आकाश गंगवार, रामनाथ, राजपाल, मेवाराम, सचिन राजपूत, जवाहर लाल, जयचंद्र, राम निवास गिरि, सकटे लाल, गौरव गुप्ता, आकाश गंगवार आदि शामिल रहे।
कछियानी खेड़ा मंदिर से हनुमान जी की मूर्ति को स्थानांतरित करने का विरोध कर रहे लोगों से मैंने सिर्फ इतना कहा था कि हनुमान प्रतिमा हाईवे के किनारे स्थापित करने पर उसके प्रति श्रद्धा और मान्यता में कोई कमी नहीं आएगी। मंदिर परिसर में स्थित सिद्ध बाबा की समाधि वहां से हटाए बगैर हाईवे की दो लेन के बीच डिवाइडर की जगह में समायोजित करने का सुझाव दिया था। किसी से अभद्रता जैसी कोई बात नहीं है।
-वेद सिंह चौहान, एसडीएम तिलहर