शाहजहांपुर के बहादुरगंज में फलों से सजी दुकान । संवाद
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शाहजहांपुर। सहालगी सीजन के दौरान शादी समारोह में फलों की मांग बढ़ने से बाजार में उनके दाम 20 से 30 फीसदी चढ़ गए हैं। हालांकि अब विवाह के शुभ मुहूर्त खत्म हो गए हैं, लेकिन अपवाद के तौर पर हो रहे शादी समारोहों में बढ़ी खपत के कारण फलों की मांग दो-तीन गुना बढ़ गई है। सेब, संतरा, अनार आदि फसल पहले से ही आम आदमी की क्रय शक्ति से बाहर थे। अब केला, अमरूद, पपीता जैसे सीजनल फल भी भाव खाने लगे हैं। चूंकि, मंडियों में फलों की आवक कम हो रही है, इसलिए उनकी फुटकर कीमतें तेजी से बढ़ रही है।
सगाई, तिलक, विवाह जैसे कार्यक्रमों में फलों की सजाई गई टोकरियां भेंट करने का रिवाज बढ़ने के कारण मांग बढ़ी तो फलों के दाम भी आसमान छूने लगे। इसीलिए एक माह पहले तक 80 से 90 रुपये किलो बिकने वाला सेब अब 100 से 140 रुपये के बीच अलग-अलग वैरायटी में बिक रहा है। 80 से 90 रुपये किलो तक बिका अनार अब सैकड़ा पार कर चुका है। 40 से 50 रुपये किलो वाला संतरा अब 60 रुपये किलो और 60 रुपये किलो वाला अंगूर अब 80 से 100 रुपये किलो बिक रहा है। बीमारों की सेहत संवारने में मुफीद माने जाने वाले यह फल अब घरेलू बजट बिगाड़ रहे हैं।
बाजार में बेमौसम का तरबूज, खरबूजा, चीकू, कीवी, स्ट्राबेरी आदि फल भी सजे हैं, लेकिन यह सभी आम आदमी की क्रय शक्ति से बाहर हैं और सिर्फ वही लोग खरीद रहे हैं, जिन्हें विवाह अथवा अन्य कार्यक्रमों में भेंट किए जाने हैं। मौसमी फलों के दाम भी आंखें तरेर रहे हैं। केला की क्वॉलिटी इन दिनों गिरने के बावजूद प्रति दर्जन 35 से 40 रुपये में बिक रहा है।
सीजनल फलों में शुमार अमरूद 40 रुपये प्रति किलो से नीचे नहीं आ रहा। यही नहीं, एक माह पहले तक 25 से 30 रुपये किलो बिक चुका पपीता अब 40 रुपये किलो बिक रहा है। फल विक्रेताओं के अनुसार आगे नवरात्र और रमजान माह होने से थोक कारोबारियों ने फलों का स्टॉक कोल्ड स्टोरेज में रखवा दिया है। इस वजह से मंडी में फल आढ़तों पर कम हुई आवक बढ़ने के बाद ही उनकी कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद की जा सकती है।