शाहजहांपुर। भारतीय खाद्य निगम में मृतक आश्रित में नौकरी लगवाने के नाम पर हरदोई जिले की कछौना कोतवाली के गांव चांदा मढ़िया निवासी संतोष कुमार से तीन लाख रुपये ठग लिए गए। नौकरी से निरस्तीकरण का प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद अब आरोपी रुपये वापस नहीं कर रहे हैं। पीड़ित की तहरीर पर चौक कोतवाली में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
संतोष कुमार के पिता मिहीलाल भारतीय खाद्य निगम में कार्यरत थे। 23 दिसंबर 2010 को मिहीलाल की मृत्यु के बाद संतोष ने नौकरी पाने के लिए भागदौड़ शुरू की। इस बीच उसकी मुलाकात पड़ोसी गांव देवी पुरवाचौकी कुरसठ थाना माधौगंज जिला हरदोई के राजबहादुर से हुई। राजबहादुर ने अपने बहनोई अमित कुमार निवासी बिजलीपुरा, कोतवाली के जरिये नौकरी लगवाने का वादा किया। संतोष ने कोतवाली पर दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि राजबहादुर ने बहनोई अमित के घर पर बुलाकर कुछ रुपया लेकर आने को कहा, जिसके बाद वह गांव के दो लोगों के साथ एक लाख रुपये लेकर पहुंचा। जहां अमित कुमार व उसकी पत्नी सुमन कुमारी ने रुपया लेने के बाद दो लाख और मांगे। 28 मार्च को उसने दो लाख रुपये राजबहादुर, अमित व सुमन कुमारी को दिए। 12 जनवरी 2019 को उसे नौकरी निरस्तीकरण का पत्र प्राप्त हो गया। उसके बाद उसने राजबहादुर व अमित से फोन कर रुपया वापस मांगे। काफी जोर देने पर 26 जुलाई 2019 को 48 हजार रुपये अमित कुमार ने वापस कर दिए पर दो लाख 52 हजार रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने राजबहादुर, अमित व सुमन के खिलाफ केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
इन बातों का रखें ध्यान
-जब भी कोई नौकरी का विज्ञापन निकले तो संबंधित विभाग से एक बार जानकारी अवश्य कर लें।
-लालच में आकर सीधे फोन करने के बजाय गंभीरता से पड़ताल करें, उसके बाद ही आवेदन डालें।
-जिस कंपनी का मेल नौकरी के लिए आएं, उसकी अधिकृत वेबसाइट पर जाकर एक बार चेक जरूर करें।
- नीरज सिंह यादव, प्रभारी साइबर सेल