पुवायां (शाहजहांपुर)। लखीमपुर में बवाल के बाद सोमवार को पुवायां में संयुक्त किसान की ओर से जाम लगाया गया। इस दौरान भाजपा नेताओं के होर्डिंग फाड़ डाले और उन्हें आग लगा दी। इस दौरान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, उनके पुत्र और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। बाद में समझौता होने पर किसान शांत हुए।
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले तमाम किसानों ने पुवायां में राजीव चौक पर जाम लगा दिया। यहां भाजपा नेताओं और सरकार के विरोध में नारेबाजी की गई। किसानों ने राजीव चौक के आसपास लगे भाजपा नेताओं के होर्डिंगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। तमाम नेताओं के होर्डिंग तोड़ दिए और कुछ होर्डिंगों को फाड़कर जला दिया गया। कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने विरोध करते हुए वीडियो नहीं बनाने दिया। पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उग्र किसानों ने सभी होर्डिंग फाड़ कर और जला कर ही दम लिया।
किसानों के आक्रेाश को देखते हुए पुलिस पीछे हट गई। इसके बाद किसानों ने लखीमपुर की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ा देना तानाशाही है और इसका संदेश है कि भाजपा किसी को अपने खिलाफ आंदोलन नहीं करने देगी, लेकिन किसान अब पूरी तरह से एकजुट हो चुका है और सरकार की मनमानी नहीं चलेगी। दोपहर डेढ़ बजे जाम समाप्त होने पर पुलिस, प्रशासन ने राहत की सांस ली। आंदोलन में भाकियू टिकैत गुट, चढ़ूनी गुट, भाकिमयू राष्ट्रवादी सहित कई किसान संगठन शामिल रहे। सभी ने एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपे।
20 घंटे बाद जाम खुलने से लोगों ने ली राहत की सांस
पुवायां। लखीमपुर में हुए बवाल के बाद रविवार शाम से लग रहा जाम प्रशासन और किसान नेताओं की संयुक्त वार्ता के बाद समाप्त हो गया। इससे पुलिस, प्रशासन और आम लोगों ने राहत की सांस ली। रविवार शाम छह बजे से खुटार-पूरनपुर मार्ग पर गांव लौहंगापुर गुरुद्वारे के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया था। बंडा क्षेत्र में बंडा-बिलसंडा मार्ग पर खन्नौत नदी के पुल पर भी जाम लगाया था।
पुलिस ने किसानों से वार्ता करने का प्रयास किया था, लेकिन किसानों ने इनकार कर दिया था। खुटार में जिले से कई थानों की फोर्स को बुला लिया था। सोमवार सुबह पुवायां के राजीव चौक, बंडा में मुख्य चौराहा पर भी जाम कर दिया। पुवायां के राजीव चौक पर निगोही रोड, बंडा रोड, खुटार रोड, शाहजहांपुर रोड और कस्बे के अंदर जाने वाले मार्ग को रस्सियां बांध कर बंद कर दिया गया। इससे तमाम वाहन जाम में फंस गए।
बाद में पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्तों से निकाला। दोपहर डेढ़ बजे किसान नेताओं और प्रशासन के बीच वार्ता में मांगों को मान लेने की सूचना मिलने के बाद जाम खोला गया।
बाइक सवारों को भी लौटाया
किसान संगठनों ने जाम के दौरान बाइक सवारों तक को नहीं निकलने दिया गया। कई बाइक सवार महिलाओं के साथ गंतव्य को जाने के लिए निकले, लेकिन जाम स्थल पर किसानों ने उन्हें घर रहने की बात कहकर लौटा दिया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम में फंसीं कई बसें, यात्री हुए परेशान
जाम में कई यात्री बसें भी फंस गई। लौहंगापुर में नेपाली यात्रियों की बसें फंसने से उनको परेशानी उठानी पडी। लौहंगापुर गुरुद्वारे की ओर से जाम में फंसे यात्रियों को चाय, भोजन आदि की व्यवस्था की गई, लेकिन भीषण गर्मी के कारण महिलाएं और बच्चे परेशान रहे।
लखीमपुर जा रहे किसानों के वाहन बेरोकटोक चलते रहे
गांव लौहंगापुर में जाम के दौरान लखीमपुर जाने वाले किसान कार्यकर्ताओं और नेताओं के वाहन बेरोकटोक निकलते रहे। यहां से उत्तराखंड के तमाम कार्यकर्ता लखीमपुर जाने को निकले।
रात में खुटार होकर लखीमपुर गए राकेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत रविवार रात 12.45 पर पूरनपुर से खुटार थाना क्षेत्र की सीमा में पहुंचे। यहां लौहंगापुर में जाम किए किसानों से उन्होंने कहा कि सभी लोग शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करें। वह लखीमपुर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी कर आगे की रणनीति के बारे में बताएंगे। हाईवे पर जाम लगाए किसानों ने किसान एकता जिंदाबाद के नारों के साथ उन्हें आगे रवाना किया।
दूर बैठी रही पुलिस
रविवार शाम जाम की सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन किसानों ने पुलिस को आंदोलन स्थल से दूर रहने को कह दिया। इसके बाद पुलिस कुछ दूर जाकर बैठ गई और जाम स्थल के पास नहीं गई। मकसूदापुर में भी पुलिस खन्नौत नदी के पुल से कुछ दूर मौजूद रही।
खुटार थाने में मौजूद रहे डीएम, एसपी
रविवार रात एसपी एस. आनंद खुटार थाने पहुंचे और किसानों के जाम के बारे में जानकारी ली। एसपी देर रात तक थाने में मौजूद रहे। बाद में डीएम इंद्र विक्रम सिंह भी थाने पहुंचे। यहां दोनों अधिकारियों ने एक किसान नेता को बुलाकर मंत्रणा की और बाद में वापस जिला मुख्यालय लौट गए।