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किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ लखनऊ-दिल्ली हाईवे तीन घंटे किया जाम

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शाहजहांपुर में सोमवार को बरेली मोड़ स्थित टोल प्लाजा के पास लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर ध? - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर जिले में किसानों के संगठनों ने कृषि कानूनों के विरोध में एकजुटता दिखाते हुए सोमवार को लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग जाम लगा दिया। टोल प्लाजा के पास करीब तीन घंटे तक रोजा के जमुका दोराहा से लेकर हरदोई मोड़ चौराहा होते हुए बरेली मोड़ से आगे तक दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि आंदोलन में शामिल किसानों ने जाम में फंसी 108 एंबुलेंस समेत रोडवेज बसों को रास्ता दे दिया। दोपहर एक बजे के बाद पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर आंदोलन खत्म कर दिया, लेकिन जाम खुलने के बाद भी हाईवे पर घंटों यातायात सामान्य नहीं हो सका।
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हाईवे पर जाम के लिए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह धालीवाल के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता 11 बजे ट्रैक्टर ट्रॉली व अन्य वाहनों से नारेबाजी करते हुए हाईवे पर टोल प्लाजा के आगे जा पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने हाईवे की चारों लेन पर अपने वाहन इस तरह खड़े कर दिए कि वाहनों के आगे निकलने की कोई गुंजाइश नहीं बची। कुछ देर बाद भाकियू (राष्ट्रीयतावादी) के प्रदेश उपाध्यक्ष मुनीश्वर दयाल कठेरिया भी तमाम कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गए। सभी ने धूप की परवाह किए बगैर रोड पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
एक वाहन पर लाउडस्पीकर रखकर यूनियन के पदाधिकारियों ने सभा शुरू करके सरकार पर प्रहार शुरू कर दिए। इस बीच, लखनऊ की ओर से आने वाले वाहन हरदोई मोड़ बाईपास चौराहे पर तैनात पुलिस ने अन्य रास्तों पर डायवर्ट नहीं किए तो वह टोल प्लाजा के पास आकर जाम में फंसने लगे। जाम में रोडवेज की लंबी दूरी की कई बसों समेत मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस फंसी देख किसान नेताओं ने एंबुलेंस और रोडवेज बसों को आगे जाने दिया, लेकिन बाद में फिर से पूरे हाईवे की घेराबंदी कर ली।
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इस दौरान भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने कहा कि कृषि कानून बनाकर सरकार ने किसानों से जमीन छीनने का जुगाड़ कर लिया है। कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ दस माह से जारी संघर्ष भी वर्ष 2024 तक जारी रखा जाएगा। तिलहर से यूनियन कार्यकर्ताओं का काफिला लेकर पैदल मार्च करते हुए भाकियू नेता देवेंद्र पाल सिंह करीब 12 बजे पहुंचे। उन्होंने तिलहर से आई कार्यकर्ताओं की टोली का जोशीले नारों से स्वागत कर उन्हें भी धरना में शामिल कर लिया। कार्यकर्ता तेज धूप में भी जाम खोलने को राजी नहीं हुए।
इस बीच, वहां मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने किसान नेताओं से ज्ञापन देने और हाईवे से हटने का अनुरोध किया, लेकिन कार्यकर्ता हटने को तैयार नहीं हुए। आंदोलन में शामिल किसानों के बीच पानी के पाउच बंटते देख सिटी मजिस्ट्रेट ने वहां नगर निगम से पानी का टैंकर मंगाया। बाद में दोनों यूनियनों की ओर से किसान नेताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में तीनों कृषि कानून तत्काल वापस लिए जाने, समर्थन मूल्य पर धान की अधिकतम 50 क्विंटल खरीद की सीमा हटाकर किसानों का पूरा धान खरीदे जाने, चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य का जल्द भुगतान कराने आदि मांगों का उल्लेख किया है।
इस दौरान भाकियू टिकैत गुट के मंडल उपाध्यक्ष संजीव अवस्थी, मंडल प्रवक्ता हरविंदर सिंह, जिला उपाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, माधुरी देवी, रंजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, राजपाल सिंह यादव, किरन देवी, सेवा सिंह, संदीप कुमार, सुखदेव सिंह आदि ने किसानों और कार्यकर्ताओं का नेतृत्व किया।
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