खुटार में हाथियों के झुंड के द्वारा रौंदी गई धान की फसल
- फोटो : POWAYAN
खुटार। खुटार रेंज के जंगल में डेरा जमाए नेपाल के हाथियों ने चौथी बार धान और गन्ने की फसल को रौंद डाला है। इससे किसानों में रोष है। किसानों के अनुसार सूचना देने के बाद भी वनकर्मी मौके पर आने और जांच करने की जरूरत नहीं समझते हैं।
शनिवार रात हाथियों ने खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट के पास पुरानी नर्सरी के पास जंगल किनारे गन्ने और धान की फसल को रौंद डाला। शोर शराबा करने पर हाथियों का झुंड जंगल की ओर चला गया। रविवार सुबह किसानों ने वन कर्मियों को सूचना दी, लेकिन किसी ने भी मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी। नेपाल के हाथियों ने खुटार रेंज से सटे लखीमपुर जनपद की सैंजनिया जंगल में कुछ दिन पूर्व एक युवक को मार डाला था। इस कारण किसान जंगल किनारे खेतों की रखवाली से कतराने लगे हैं।
गांव रसवा कलां के मजरा कोचर फार्म निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि उनका खेत फत्तेहपुर बीट जंगल में पुरानी नर्सरी के पास है। शनिवार रात को जंगल से निकले हाथियों के झुंड ने गन्ने और धान की फसल को तबाह कर दिया। जानकारी होने पर रखवाली कर रहे किसानों और श्रमिकों ने पीपे, ढोल आदि बजाकर शोर किया तो हाथी जंगल की ओर लौट गए। रविवार सुबह खेतों में भारी नुकसान देख किसानों में रोष फैल गया।
किसानों का कहना है कि नेपाली हाथी कई माह से जंगल में डेरा डाले है। हाथी चार बार जंगल से बाहर आकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा चुके हैं। सूचना देने के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं। किसानों के अनुसार करीब तीन माह से खुटार और लखीमपुर सीमा में जंगल में कठिना नदी के किनारे हाथी जंगल में रह रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों से फोन पर शिकायत कर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कोई कर्मचारी तक मौके पर नहीं पहुंचता है।