खुटार के गांव कुभियां माफी में हाथियों ने रौंदी धान की फसल
- फोटो : POWAYAN
खुटार (शाहजहांपुर)। सोमवार की रात नेपाली हाथियों के झुंड ने खुटार के गांव कुंभिया माफी में धान और गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों ने बमुश्किल हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा है। सूचना के बाद भी वनकर्मियों के मौके पर नहीं पहुचंने से किसानों में रोष है। उधर रेंजर ने मामले की जानकारी से ही इनकार कर दिया है।
नेपाली हाथियों का झुंड जनपद लखीमपुर के मोहम्मदी थाना क्षेत्र के सैंजनिया क्षेत्र के जंगल में कई दिन से मौजूद है और जंगल के आसपास खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कुभिया माफी खुटार क्षेत्र का गांव है। गांव के आगे जनपद लखीमपुर की सीमा शुरू हो जाती है। कुभिया के पास खुटार रेंज के जंगल की फत्तेपुर वीट लगती है और वन क्षेत्र गांव के बिल्कुल पास तक है। सैंजनिया के जंगल भी गांव से कुछ ही दूर हैं। इस कारण सैंजनिया के जंगल में घूम रहा नेपाली हाथियों का झुंड सोमवार रात खुटार रेंज के जंगलों में आ पहुंचा और हाथियों ने जंगल के पास खेतों में धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। किसानों ने शोर शराबा कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ दिया।
मंगलवार रात हाथियों का झुंड फिर से कुभियां माफी के पास खेतों में आ गया और धान, गन्ने की काफी फसल रौंद डाली। जानकारी पाकर किसान खेतों की ओर पहुंचे और ढोल, पीपे आदि बजाकर और पटाखे चलाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। गांव कुंभिया माफी की प्रधान रामड़ैती देवी के पति रामचंद्र, केदारी लाल, गुरमेल सिंह आदि किसानों ने बताया कि सोमवार और मंगलवार रात नेपाल की ओर से आए हाथियों के झुंड ने खेत में खड़ी धान और गन्ने की फसल को रौंद डाला है।
हाथियों के झुंड के चिल्लाने की आवाज सुनकर किसान मौके पर पहुंचे और हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ना शुरू कर दिया। लेकिन हाथियों के झुंड ने वापस होकर किसानों को दौड़ा लिया। पर हमला बोल दिया। इसके बाद तमाम किसान एकत्र होकर ट्रैक्टरों पर सवार होकर और लाठी-डंडों लेकर पहुंचे और हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ दिया। किसानों ने इसकी सूचना वनकर्मियों को दी, लेकिन वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। किसानों ने प्रशासन से नुकसान की जांच कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
हाथियों के गांव कुभियां माफी पहुंचने की जानकारी किसानों ने नहीं दी है। हाथियों ने नुकसान किया है तो जांच कराई जाएगी और मुआवजा दिलाया जाएगा।
डीएस यादव, रेंजर खुटार रेंज