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निगेटिव ब्लड यूनिट की संख्या शून्य, खतरे में मरीजों की जान

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शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में निगेटिव ग्रुप का ब्लड खत्म हो चुका है। अगर किसी मरीज को इस ग्रुप के ब्लड की आवश्यकता होती है तो उसकी जान खतरे में है। वहीं ब्लड बैंक प्रभारी लोगों से बढ़चढकर रक्तदान करने की अपील कर रहे हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में ज्यादातर गरीब तबके के मरीज भर्ती होते हैँ। ऐसे मरीजों को अगर निगेटिव ग्रुप के रक्त की आवश्यकता होती है तो मौजूदा समय में उनको ब्लड बैंक से उनको ब्लड नहीं मिल पाएगा। क्योंकि राजकीय मेडिकल कॉलेज के पास निगेटिव ग्रुप के ब्लड यूनिट की संख्या शून्य है। ऐसे में आर्थिक तंगी से जूझने वाले मरीज प्राइवेट ब्लड बैंक से संपर्क करते हैं। जहां पर एक यूनिट ब्लड के लिए तीन-चार हजार रुपये देना पड़ते हैं।
ब्लड लेने लेकर अपने मरीजों की जान बचाने के लिए तीमारदार कर्जा तक लेते हैँ। ऐसे में राजकीय मेडिकल कालेज में आने वाले उन मरीजों की जान ज्यादा खतरे मेें होती है जो किसी हादसे में घायल होते हैँ और उनके परिवार की जानकारी भी नहीं हो पाती है। राजकीय मेडिकल कालेज के ब्लड बैैंक प्रभारी डॉ. शबाहत हुसैन ने बताया कि निगेटिव ब्लड ग्रुप छोड़कर सभी ग्रुप का करीब पौने दो सौ यूनिट ब्लड मौजूद है।
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निगेटिव ब्लड काफी दुर्लभ होता है। कभी-कभी निगेटिव ब्लड मिल जाता है तो फौरन जरूरतमंद मरीज को दे दिया जाता है। जिन लोगों का ब्लड ग्रुप निगेटिव है। ऐसे करीब 11 लोग रजिस्टर्ड हैँ। जरूरत है कि ज्यादा से ज्यादा लोग रक्तदान में बढ़चढ़कर हिस्सा लें और एक दूसरे की जान बचाएं। ब्लड 35 दिन में एक्सपायर हो जाता है । किसी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मरीज ब्लड लेने आता है तो उसके लिए 1050 रुपये फीस देना होती है और राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीज भर्ती है तो उसके लिए ब्लड निशुल्क है।
अमर उजाला फाउंडेशन लगाएगा रक्तदान शिविर
1 अक्टूबर को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्वैच्छिक रूप से लोग रक्तदान कर दूसरों का जीवन बचा सकते हैं।
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