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सेना भर्ती के लिए फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश

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पुवायां (शाहजहांपुर)। सेना में भर्ती होने के लिए फर्जी कागजात लगाकर चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश का मामला सामने आया है। इसके बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के आदेश पर खुटार थाने में फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज की गई है। बंडा और खुटार में ऐसे मामले पहले भी पकड़े जा चुके हैं।
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खुटार थाने के दरोगा रामानंद मिश्रा की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि डीएम, एसपी, सीओ के पत्र अनुसार खुटार के मोहल्ला इंदिरानगर निवासी बॉबी गुर्जर का चरित्र प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए उन्हें प्राप्त हुआ था। जांच में पाया गया कि इंदिरानगर में इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता है। इस कारण चरित्र प्रमाणपत्र देने की संस्तुति उन्होंने नहीं की थी। इंदिरानगर के नगर पंचायत सदस्य की तहरीर भी अधिकारियों को भेजी गई थी। इस पर डीएम ने एसपी को जांच कर कार्रवाई को कहा था। एसपी ने 13 अगस्त को सीओ पुवायां को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था।
आदेशों के अनुपालन में दरोगा रामानंद मिश्रा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें कहा है कि प्रथम दृष्टया बॉबी गुर्जर ने सेना में नौकरी पाने के लिए धोखाधड़ी से कूटरचना कर दस्तावेज तैयार कर अनुचित लाभ पाने की कोशिश की। इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने बताया कि बॉबी गुर्जर का पता लगाया जाएगा और जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नवंबर 2020 में बंडा में हुई थी रिपोर्ट, सिपाही था गिरोह में
नंवबर 2020 में बंडा पुलिस और एसओजी टीम ने सेना भर्ती में फर्जी कागज बनवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए परमवीर सिंह, उसके पिता हुकुम सिंह, मुकेश कुमार और बंडा थाने में तैनात सिपाही मनवीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सिपाही और फर्जी कागज बनवाने आए लोगों के तार सुरेश सोम गिरोह से ही जुड़े मिले थे। इसमें कटरा थाने में तैनात सिपाही मूलचंद्र और हापुड़ के थाना धौलाना के गांव ककराना निवासी अरविंद की संलिप्तता भी पाई गई थी।
खुटार में दिसंबर में भी दर्ज हुई थी रिपोर्ट, चार भेजे थे जेल
सेना में भर्ती के लिए फर्जी कागज लगाने के मामले में खुटार थाने में 16 दिसंबर 2020 को भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सेना में भर्ती हुए बुलंदशहर के उपेंद्र और अमन कुमार ने खुटार का पता लिखा निवास प्रमाणपत्र लगा रखा था। दोनों ने खुटार के जनसेवा केंद्र संचालक आफताब खां उर्फ भूरे से फर्जी निवास प्रमाणपत्र बनवाए थे। सत्यापन की जांच में पता चला कि इस नाम के लोग खुटार के मोहल्ला इंदिरानगर और सरोजनगीनगर में नहीं रहते हैं। पुलिस ने सत्यापन करने आए लखीमपुर के थाना मितौली निवासी शहबाज, मुकेश और थाना मैगलंगज के गांव फतेहपुर निवासी अनिरुद्ध को 16 दिसंबर को पकड़ लिया था। पुलिस ने जनसेवा केंद्र संचालक आफताब खां सहित चारों को जेल भेजा था।
लेखपाल को किया गया था निलंबित
बुलंदशहर के उपेंद्र और अमन कुमार फर्जी निवास प्रमाणपत्र लगाकर सेना में भर्ती होकर ट्रेनिंग पर चले गए थे। मामले को एसडीएम ने विभागीय जांच के बाद 25 दिसंबर 2020 को तत्कालीन लेखपाल राकेश कांत को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित किया गया था।
सेना भर्ती के फर्जी कागजात के मामले में पहले बंडा और खुटार में दर्ज हुई रिपोर्ट की विवेचना के मामले में अभिलेख देखने के बाद सही जानकारी मिल सकेगी। खुटार में एक और रिपोर्ट दर्ज हुई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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बीएस वीरकुमार, सीओ पुवायां
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