शाहजहांपुर। गंगा में हाल ही में आई बाढ़ के बाद भी जलालाबाद क्षेत्र के ढाई घाट स्थित गंगा तट पर पानी का बहाव सामान्य से अधिक बना हुआ है। यही नहीं, वहां कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाला मेला स्थल लंबे समय तक जलभराव बना रहने के कारण वहां जगह-जगह दलदल बन गया है। बीते दिन मेला के प्रस्तावित स्थल के निरीक्षण में यही कमियां पाए जाने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव ने ढाई घाट पर कार्तिक मेला का वार्षिक आयोजन स्थगित कर दिया है।
पिछले दिनों हुई भारी वर्षा और नदियों में बाढ़ आने के दौरान जिला पंचायत ने इस वर्ष भी अधिकृत तौर पर ढाई घाट पर कार्तिक मेला नहीं कराने का निर्णय किया था, लेकिन घाट के पंडों-पुजारियों और दुकानदारों के अनुरोध पर यह निर्णय वापस ले लिया गया। तय हुआ कि 15 से 22 नवंबर तक ढाई घाट पर मेला कराने के लिए जिला पंचायत की ओर से वहां श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों के लिए बिजली, पेयजल, सड़क आदि की अस्थायी सुविधाएं जुटाई जाएंगी। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी महावीर सिंह यादव ने डीएम से पत्राचार कर मेले में कानून व्यवस्था बनाए रखने को मजिस्ट्रेट नामित करने का अनुरोध किया था।
मेला स्थल के चयन को जिला पंचायत अध्यक्ष ने मंगलवार को ढाई घाट का दौरा किया तो वहां के हालात मेला के अनुकूल नहीं पाए गए। उन्होंने बताया कि मेला स्थल पर पानी भरा होने से कीचड़ है और आने-जाने का कोई रास्ता नहीं है। वाहन खड़े करने को पार्किंग स्थल की जगह भी नहीं है। पानी अधिक होने से वहां मार्ग का निर्माण कराना संभव नहीं है।
गंगाजी के जल का बहाव ज्यादा होने और जगह-जगह दलदल होने से वहां कोई अप्रिय घटना घट सकती है। इसलिए सामूहिक निरीक्षण आख्या में अधिकारियों ने भी मेला निरस्त करने का अनुरोध किया है। निरीक्षण में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, कलान के एसडीएम, जलालाबाद के सीओ, अग्निशमन अधिकारी, जिला पंचायत सदस्य ओमपाल सिंह, अनिरुद्घ यादव व रवीश पाल, ब्लॉक प्रमुख प्रियांशु सिंह आदि शामिल रहे।