जलालाबाद (शाहजहांपुर)। गंगा, रामगंगा, बहगुल समेत कई अन्य छोटी नदियों से घिरे जनपद के इस विधानसभा क्षेत्र में हर साल बाढ़ जैसी आपदा बड़े पैमाने पर तबाही मचाती है। इससे खेती किसानी पर निर्भर बड़ी आबादी के सामने परिवार के जीवन यापन का संकट खड़ा हो जाता है।
क्षेत्र में रोजगार का कोई अन्य साधन न होने से बड़ी तादाद में यहां का युवा रोजी रोटी की तलाश में दिल्ली, नोएडा और गैर प्रांतों में भटकने को मजबूर है। जनपद के इस पिछड़े विधानसभा क्षेत्र के लोगों में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं। युवाओं के लिए शिक्षा के साधन और उन्हें रोजगार मुहैया कराने वाली किसी सौगात की घोषणा न केवल युवाओं के पलायन को रोकेगी, बल्कि यहां खुशहाली और विकास के नए आयाम भी स्थापित होने में मदद मिलेगी।
करीब डेढ़ दशक पहले तक यहां नदियों के खादर इलाके की कटरी में कल्लू, नज्जू व रानी ठाकुर जैसे दस्युओं का बोलबाला था। समय के साथ इन दस्युओं का खात्मा हो गया, इसके बाद क्षेत्र का विकास होने की उम्मीद थी। इस लंबे अंतराल में विभिन्न राजनीतिक दलों की सरकार सत्ता में आई, परंतु सभी यहां के विकास को लेकर उदासीन ही रहीं। नतीजा तीन ब्लॉकों व दो तहसील वाली इस विधानसभा क्षेत्र में न ही उच्च या तकनीकी शिक्षा से जुड़ा कोई सरकारी संस्थान स्थापित हो सका और न ही कोई रोजगार मुहैया कराने की कोई व्यवस्था ही।
इससे न केवल यह इलाका विकास की दौड़ में पिछड़ता चला गया, बल्कि रोजगार की तलाश में बड़ी तादाद में यहां युवा बड़े शहरों का रुख करते गए। लंबे अरसे बाद प्रदेश के मुखिया का जनपद की इस पिछड़ी विधानसभा में आगमन हो रहा है, उम्मीद की जा रही है क्षेत्रीय लोगों के दर्द को महसूस कर वह कोई ऐसी सौगात देकर जाएंगे जो युवाओं के पलायन को रोक सके।