कर्मचारियों ने कारखाने के कनेक्शन पर सात लाख रुपये विद्युत राजस्व बकाया बताया। जिससे संचालक के होश उड़ गए। उन्होंने कर्मचारियों को जमा किए गए बिल की रसीदें भी दिखाई, लेकिन उन पर कोई असर नहीं हुआ।
शाहजहांपुर के कलान में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे के किनारे रामकिशोर गुप्ता उर्फ भूरे का सेलर कारखाना है। उन्होंने कारखाना संचालित करने के लिए वाणिज्यिक कनेक्शन लिया है। रामकिशोर ने बताया कि कुछ माह पहले बिजली का बिल बकाया हो गया था। इस पर निगम द्वारा चलाई गई ओटीएस में उन्होंने अपना पंजीकरण कराया। साथ ही किस्तों में बिल जमा किया, जिसकी रसीदें भी मौजूद हैं। इसके बावजूद सोमवार को जलालाबाद विद्युत उपकेंद्र से संविदा कर्मचारी विकास अन्य कर्मचारियों के साथ कनेक्शन काटने आ गए।
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राम किशोर के अनुसार कर्मचारियों ने कारखाना के कनेक्शन पर सात लाख रुपये विद्युत राजस्व बकाया बताया, जिससे उनके होश उड़ गए। उन्होंने कर्मचारियों को जमा किए गए बिल की रसीदें भी दिखाई, लेकिन उन पर कोई असर नहीं हुआ। इस पर कर्मचारियों के सामने ही उपभोक्ता ने जान देने का प्रयास किया और घर के बाहर लगे ट्रांसफार्मर के तार पकड़ने दौड़ पड़े।
रामकिशोर ने एक कर्मचारी पर रुपये मांगने का आरोप लगाया, लेकिन मामले को बिगड़ता देखकर कर्मचारी चुपचाप वापस हो गए है। कलान विद्युत उपकेंद्र के प्रभारी अवर अभियंता मातादीन ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर कर्मचारियों की टीम कलान में कनेक्शन काटने भेजी गई थी।
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कारखाना संचालक का ओटीएस के तहत बकाया बिल जमा हो चुका है, लेकिन लेखा विभाग की त्रुटि से राम किशोर को एक माह के अंदर दूसरा बिल गलत जारी हो गया, जिसमें बकाया दर्शाया गया है। इस बारे में एक्सईएन समेत अन्य अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। यदि किसी ने रुपये मांगे हैं तो जांच कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।