दोनों के शव गांव आते ही मचा कोहराम
कंबाइन लेकर बहराइच गए पिता पुत्र की कंबाइन पलटने से मौत हो गई। सूचना घर पहुंची तो कोहराम मच गया। मंगलवार रात दोनों के शव घर लाए गए। पिता-पुत्र की एक साथ मौत से पूरा गांव गमगीन है।
गांव बौठा जमालपुर निवासी प्रेमसिंह ने कुछ समय पूर्व कंबाइन खरीदी थी। तीन दिन पूर्व प्रेमसिंह अपने पुत्र रंजीत सिंह कुशवाहा, सुरेंद्र सिंह कुशवाहा औैर गांव के ही साजिद और नाबिर के साथ गेहूं की कटाई करने बहराइच गए थे। 10 अप्रैल को बहराइच के थाना मोतीपुर के गांव गायधार के पास अचानक कंबाइन का स्टेयरिंग फेल हो गया और कंबाइन तीस फुट नीचे खाई में जा गिरी। इससे 32 वर्षीय रंजीत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता प्रेम सिंह ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। सुरेंद्र, साजिद और नाबिर घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
सुरेंद्र ने हादसे के बारे में परिवार के लोगों को सूचना दी तो कोहराम मच गया। मंगलवार शाम को पिता पुत्र के शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। प्रेम सिंह की पत्नी कृष्णा देवी और रंजीत की पत्नी शशि देवी शव देखकर सुध खो बैठी। प्रेमसिंह कुशवाहा वर्ष 2005 से 10 तक गांव के प्रधान रह चुके हैं। वह अपने मधुर व्यवहार के लिए मशहूर थे। उनकी मौत की सूचना पर गांव के तमाम लोग घर पहुंचे और दुखी परिवार को सांत्वना दी।
पति के साथ पुत्र को भी खोया
बंडा। प्रेमसिंह की पत्नी और रंजीत की मां कृष्णा देवी की आंखों के आंसू पति और पुत्र की मौत से सूख गए हैं। पति और पुत्र को एक साथ खो देने का उन्हें अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है। वह लोगों से पति और पुत्र के बारे में पूछने लगती हैं और उन्हें बुला देने को कहती हैं। कृष्णा देवी का करूण क्रंदन सुनकर लोगों की आंखे नम हो जाती हैं।
प्रेम सिंह के तीन बेटो में रंजीत सबसे बड़ा था। रंजीत की मौत से पत्नी शशि देवी की कच्ची गृहस्थी बिखर गई है। रंजीत की मौत के बाद उसके हिस्से में मात्र चार बीघा जमीन आएगी। पति को खो देने के बाद उसके सामने पुत्री शिवांगी और पुत्र अंश की परवरिश का सवाल खड़ा हो गया है।