शाहजहांपुर। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने दुष्कर्म के मुकदमे में एक दोषी को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया। सरकारी वकील संजीव कुमार सिंह, उमेश चंद्र अग्निहोत्री के मुताबिक दस अप्रैल 2013 की रात दो बजे वादिनी अपनी बेटी (20) के साथ अपने घर में सो रही थी।
तभी गांव के पप्पी ने घर में घुसकर उसकी बेटी से उसके सामने दुष्कर्म किया। जब वह चिल्लाई तो आरोपी धमकी देता हुआ भाग दिया। विवेचक द्वारा पीड़िता के बयान लेने के बाद अल्हागंज थाना क्षेत्र के पप्पी और मिंटू उर्फ अजय कुमार सिंह के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत को भेजा गया।
न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकीलों के तर्क सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने पप्पी को दोषी पाते हुए उसे सात वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। आरोपी मिंटू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।