शाहजहांपुर। वर्ष 2013 में मदनापुर क्षेत्र के गांव कुनिया चचौरा में हुई हत्या के एक मामले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश प्रीती सिंह ने तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 20 हजार 500 रुपये जुर्माना भी लगाया गया।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता भावशील शुक्ला ने बताया कि वारदात 15 नवंबर, 2013 को हुई थी। शाम पांच बजे वादी दूषेलाल का छोटा भाई वेदराम घर से खेत पर जा रहा था। रास्ते में वहां पर पहले से घात लगाए बैठे गांव के रविंद्र यादव उर्फ पौआ, राजेंद्र, राजेश्वर मिले। ये लोग वादी के भाई वेदराम को गालियां देने लगे। भाई ने गाली देने से मना किया। तब रविंद ने अवैध रायफल से वेदराम के माथे पर गोली मार दी। वेदराम लहूलुहान होकर वहीं गिर गया। वेदराम का भाई उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ला रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। वादी के मुताबिक आरोपी दबंग व आपराधिक किस्म के व्यक्ति थे।
अकारण वे लोग उसे व परिवार वालों को गालियां दिया करते थे। न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात एवं शासकीय अधिवक्ता भावशील शुक्ला एवं बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी रविंद्र यादव उर्फ पौआ, राजेंद्र, राजेश्वर को हत्या करने का दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास और 20 हजार 500 रुपये प्रति व्यक्ति जुर्माना की सजा से दंडित किया है।