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रक्षाबंधन पर घनिष्ठा नक्षत्र के साथ बन रहा शोभन योग, पूरे दिन बांधी जा सकेगी राखी 17-20-34

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शाहजहांपुर। अबकी रक्षाबंधन के दिन ग्रह-नक्षत्रों का शुभ संयोग बन रहा है। रक्षाबंधन के दिन घनिष्ठा नक्षत्र के साथ शोभन योग बनेगा। ज्योतिष के अनुसार शोभन योग से शुभता में वृद्धि होगी। रक्षाबंधन के दिन 22 अगस्त को राखी बांधने के लिए सूर्योदय से लेकर शाम 5:01 बजे तक शुभ होगा। यानी शोभन योग में राखी बांधने से भाई-बहन के बीच प्यार और बढ़ेगा।
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चौक मंडल मंदिर स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि इस बार पूर्णिमा का मान शाम 5:01 बजे तक और धनिष्ठा नक्षत्र रात 8:25 बजे तक है। चंद्रमा कुंभ राशि में होंगे। पूर्णिमा तिथि के पूर्वार्ध में भद्रा होती है। मगर इस साल पहले दिन यानी 21 अगस्त की शाम 6:10 बजे से ही पूर्णिमा लग जाएगी। इसके साथ ही भद्राकाल की शुरूआत भी हो जाएगी। भद्रा 22 अगस्त को सुबह 5:35 मिनट तक रहेगी। यानी 22 अगस्त को सुबह 5:35 से शाम 5:01 बजे के बीच कभी राखी बांधी जा सकती है।
रक्षाबंधन का महत्व
रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों के हाथ में रक्षा सूत्र बांधने के साथ अपनी रक्षा का वचन लेती है। भाई वचन निभाने का आश्वासन देने के साथ यथाशक्ति उपहार भेंट करते हैं। बताया जाता है कि इसी दिन माता लक्ष्मी ने राजा बलि के हाथ में रक्षासूत्र बांधकर उपहार में भगवान विष्णु को और जीवनभर रक्षा का वचन मांग लिया था। इसीलिए आज भी ब्राह्मण आचार्य द्वारा जब यजमान के हाथ में रक्षासूत्र बांधते हैं तो राजा बलि को याद किया जाता है, और भगवान से रक्षा की कामना की जाती है। कुछ परिवारों में उनकी रीति-रिवाजों के आधार पर रक्षा पंचमी का पर्व मनाया जाता है, जो इस बार 27 अगस्त शुक्रवार को मनेगा।
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ऐसे बांधे राखी और बोलें मंत्र
पुजारी अरुण कुमार शुक्ला के अनुसार राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूरब और बहन का पश्चिम दिशा में होना उत्तम माना जाता है। बहनें रोली, चंदन, अक्षत, दही का टीका भाई को लगाएं। इसके बाद कपूर, अगरबत्ती या घी का दीपक जलाकर आरती उतारें। इसके बाद भाई के दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधें और मिठाई खिलाएं। राखी बांधते समय ऊॅं येन बद्धो बली राजा दानवेंद्रो महाबल:। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।। मंत्र पढ़ना चाहिए, जिससे शुभ परिणाम मिलते हैं।
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