शाहजहांपुर। मोहर्रम शुक्रवार को होगा। कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार भी ताजिये घर के अंदर रखे जाएंगे। मोहर्रम में न जुलूस निकाले जाएंगे और न ही ताजिये करबला में दफन किए जाएंगे।
कोरोना संक्रमण के चलते शासन की गाइडलाइन के मुताबिक मोहर्रम मनाया जाएगा। शहर इमाम हुजूर अहमद मंजरी ने बताया कि हुकूमत की तरफ से जारी की गई कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुए मोहर्रम मनाया जाएगा। सड़क पर जुलूस और भीड़भाड़ के साथ ताजिए लेकर चलने पर पाबंदी है। इसलिए लोग गाइडलाइन का पालन करें। लोग घरों में रहकर मजलिस के साथ ज्यादा से ज्यादा इबादत करें और रोजे रखें। ताजिये घर के अंदर रखे जाएंगे। उन्हें करबला ले जाकर दफनाया नहीं जाएगा।
इस्लाम मजहब की मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि अशुरा के दिन इमाम हुसैन कर्बला की लड़ाई में शहीद हो गए थे। उनकी याद में इस दिन जुलूस और ताजिये निकालने की रिवायत है। अशुरा के दिन तैमूरी रिवायत को मानने वाले रोजा-नमाज के साथ इस दिन ताजियों-अखाड़ों को दफन या ठंडा करके शोक मनाते हैं। इस दिन मस्जिदों पर फजीलत और हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर विशेष तकरीरें होती हैं। इस्लामिक मान्यता के अनुसार, अशुरा को मोहम्मद साहब के नवासे हुसैन की शहादत के दिन के रूप में मनाया जाता है।