शाहजहांपुर। कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद जेल में बंद बंदी करीब डेढ़ साल बाद परिजनों से मिल सकेंगे। शासनादेश जारी होने के बाद 16 अगस्त से बंदियों की मुलाकात कराना शुरू करा दी जाएगी। बंदियों से मिलने के लिए मुख्य रूप से 72 घंटे के अंदर कराई गई आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा।
करीब डेढ़ से साल पहले कोरोना संक्रमण की पहली लहर आने के बाद कारागार में बंद बंदियों और कैदियों से उनके परिवारों से मिलने पर रोक लगा दी गई थी। कई पर्व ऐसे आए जब कारागार में बंद बंदियों के परिवारों ने कारागार के बाहर हंगामा भी किया था। अब कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद शासन ने शुक्रवार को शासनादेश जारी कर बंदियों से मिलने पर लगी रोक को हटा दिया है।
बंदियों से मिलने वालों को 72 घंटे के अंदर कराई गई आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट अनिवार्य होगा। पहले एक सप्ताह में एक बंदी से एक बार में तीन लोग मिल सकते थे, लेकिन अब जारी शासनादेश के अनुसार एक सप्ताह में एक बंदी से एक बार में दो लोग मिल सकते हैं।
जिला कारागार अधीक्षक बीडी पांडेय ने बताया कि नए शासनादेश के अनुसार 16 अगस्त से बंदियों से उनके परिजन मिल सकते हैं। 72 घंटे के अंदर की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा। कोविड-19 गाइडलाइड नियमों का पालन के साथ बंदियों से मुलाकात कराई जाएगी।