शाहजहांपुर। भैंसार बांध पर सोमवार को गंगा का जलस्तर 143.23 मीटर पर स्थिर रही। गंगा और रामगंगा में पानी कम हो गया है, लेकिन कटान जारी है। रामगंगा में पानी का उतार होने के कारण परौर क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में भूमि कटान हुआ। सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए परौर के दक्षिण में कुछ स्थानों पर रेत भरी बोरिया डालने का काम शुरू किया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार कछला घाट पर गंगा दो सेमी बढ़कर 162.25 मीटर पर बह रही है इसलिए अगले 48 घंटे के दौरान जनपद में ढाई घाट से लेकर भैंसार बांध तक गंगा में पानी कम होने के आसार नहीं है। नियंत्रण कक्ष से सिंचाई विभाग के कर्मचारी संदीप भटनागर ने बताया कि रविवार को खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में 12,930 क्यूसेक पानी निकल रहा है, जो बीते दिन से 900 क्यूसेक अधिक है। इसलिए जैतीपुर से परौर तक रामगंगा में पानी देर से कम होगा। उन्होंने बताया कि शहर के समीप गर्रा बीते दिन की तरह 144.20 मीटर और खनौत 142.40 मीटर पर बह रही है।
कटान की चपेट में परौर क्षेत्र के कई गांव
परौर। बारिश कम होने के कारण रामगंगा के कटान में कमी आई है, लेकिन जहां पर लोगों की जमीनें कटी हैं उनको बचाने के अभी ठोस प्रयास शुरू नहीं हुए हैं। इस बीच सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनूप कुमार और अवर अभियंता श्याम कुमार मिश्र ने परौर में कटान स्थल पर सीमेंट की बोरियों में रेत भरकर लगवानी शुरू कर दी है। बता दें कि परौर के मजरा मोहनपुर, बिचकुरी, बाजार, नारायननगर पश्चिमी में रामगंगा के कटान से तमाम ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में रहने वाले धनपाल कश्यप, नत्थूलाल कुशवाहा,रामवीर, चुन्नी लाल, फकीरेलाल, सुखवीर सिंह, राजीव सिंह चौहान आदि का कहना है कि इस समय बारिश थमी होने के कारण रामगंगा उतार पर है। इसलिए कटान रोकने के ठोस प्रयास तेजी से किये जाने चाहिए अन्यथा बारिश होने पर जलस्तर बढ़ने के बाद उन हिस्सों में फिर से कटान शुरू हो जाएगा जहां की जमीन नदी में समा चुकी है।