पुवायां। शनिवार रात प्रधान और पड़ोस के गांव के लोगों के बीच विवाद हो गया। प्रधान के भाई ने फायरिंग, घर में तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए सात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। दूसरे पक्ष से भी प्रधान सहित पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पुवायां थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने बताया कि सात अगस्त की रात आठ बजे वह ग्राम प्रधान अपने भाई के साथ गांव के ही एक व्यक्ति के यहां पुत्र के जन्मदिन की दावत में गए थे। वहां गांव मजीदापुर के विवेक कुमार श्रीवास्तव, वीरेश शर्मा पहले से ही मौजूद थे। जब उनका परिचय गांव के प्रधान के तौर पर विवेक श्रीवास्तव और वीरेश शर्मा से कराया गया तो विवेक ने उनसे कहा कि तू बहुत बड़ा नेता हो गया है। विवेक ने उनसे यह भी कहा कि प्रधानी का चुनाव लड़ने की हिम्मत कैसे की। विवेक ने जातिसूचक गाली गलौज करते हुए जूतों से मारने की धमकी भी दी। विवेक के गाली गलौज करने से वह भाई के साथ घर लौट आया।
इसके बाद विवेक ने फोन कर गई लोगों को बुला लिया। गांव कुंवरपुर के अयोध्या प्रसाद, सर्वेश कुमार, गौरव कुमार, विवेक कुमार, वीरेश कुमार शर्मा, गांव भटपुरा चंदू के शोभित सिंह, संजय सिंह उनके घर घुस आए और गाली गलौज करते हुए महिलाओं के साथ अभद्रता की। घर की एक महिला के साथ छेड़छाड़ भी की। इस दौरान उनका घरेलू सामान, बाइक और कार के शीशे भी तोड़ दिए। आरोपियों ने फायरिंग भी की, उन्होंने भागकर जान बचाई। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट सहित तमाम धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
उधर दूसरे पक्ष से गांव मजीदपुर के विवेक श्रीवास्तव ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनके पड़ोस के गांव के पांच लोग जिला पंचायत के चुनाव से रंजिश मानते हैं। सात अगस्त की रात नौ बजे वह गांव कुंवरपुर में एक व्यक्ति के यहां दावत में गए थे। आरोपी अवैध हथियार लेकर वहां आ गए और गाली गलौज करते हुए घेराबंदी कर तमंचे से फायर कर दिया। गोली नहीं चल सकी, वरना उनकी जान जा सकती थी। आरोपियों ने उनको घेरकर घर के अंदर बंद कर दिया। उनके फोन करने पर गांव मजीदपुर से कई लोग आ गए। उनके ललकारने पर आरोपी मौके से भाग निकले। पुवायां पुलिस ने बताया कि दोनों ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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कुछ ही दूर खड़ी रही पुलिस, होता रहा विवाद
पुवायां। प्रधान पक्ष के अनुसार विवेक श्रीवास्तव ने विवाद करने के बाद खुद ही पुलिस भी बुला ली थी। पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और उनके मकान से पुलिस थोड़ी ही दूरी पर खड़ी रही। इस दौरान आरोपियों ने उनके घर हमला कर जमकर तोड़फोड़ कर दी। महिलाओं से भी अभद्रता की गई, लेकिन पुलिस ने मौके पर आने की जरूरत नहीं समझी। बाद में पुलिस समुलिया गांव होते हुए वापस कोतवाली लौट गई। पुलिस को मौके पर आकर हमला करने वालों को रोकना चाहिए था।
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मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण मैं मौके पर नहीं जा सका हूं। कोतवाली के माध्यम से जानकारी मिली है। दो पक्षों में विवाद हुआ है। दोनों ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
वीएस वीर कुमार, सीओ पुवायां