शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के भीखमपुर गांव निवासी राम आसरे के 16 वर्षीय पुत्र पवन सिंह पर सांड ने हमला कर दिया। वह गेहूं की फसल की रखवाली करने के लिए खेत पर गए थे। बरेली लेकर जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
खेतीबाड़ी करने वाले रामआसरे ने गेहूं की फसल की बुवाई की थी। वह रोजाना रात में गोवंशीय से फसल को बचाने के लिए खेत की रखवाली करने जाते थे। सर्दी अधिक होने के कारण उनकी जगह पर पवन खेत पर चला गया। बृहस्पतिवार को सांड ने उसके ऊपर हमला कर दिया। सांड की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
परिजन उसे लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज आए। जहां डॉक्टर ने उन्हें रेफर कर दिया। बरेली लेकर जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। वह दो भाईयों में बड़ा था। उसकी मौत से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
छुट्टा पशुओं के हमले से मौत
23 जनवरी 2023: जलालाबाद थाना क्षेत्र के गांव कुंडरा के मजरा नौगवां में आलू की फसल की रखवाली करते समय रानी (50) पर छुट्टा पशुओं ने हमला कर दिया। हमले में उसकी मौत हो गई थी।
12 जनवरी 2023: नेशनल हाईवे पर लखीमपुर खीरी निवासी सर्वेश कुमार की कंटेनर से कुचलकर मौत हो गई। सांड़ों की लड़ाई के दौरान टक्कर लगने से वह कंटेनर के नीचे आ गया था।
12 मार्च 2023: निगोही के अरेली गांव निवासी आकाशपाल 20 को दड़िया बाजार में सांड ने सींगकर मार घायल कर दिया। उसका साथी मनोज घायल हो गया। आकाश पाल की मौत हो गई
16 सितंबर 2023: खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव सिमौरा निवासी किसान जयवीर (50) को पीछा करने के दौरान सांड ने उठाकर बहगुल नदी के कटान के पानी में फेंक दिया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
01 अक्तूबर 2023: खुदागंज के खेड़ा नवादा निवासी दिव्यांग छोटे सिंह 30 के ऊपर लड़ते समय सांड गिर गया। उसकी दबकर मौत हो गई।
30 नवंबर 2023: रोजा के पींग गांव में छुटकाई की पत्नी करिश्मा 60 को सांड ने टक्कर मार दी। वह खूंटे पर गिरी। उनकी मौत हो गई।
12 दिसंबर 2023: मदनापुर थाना के रजपुरा निवासी अर्जुन श्रीवास्तव (32) की बाइक मंगलवार की शाम सांड से टकराने से मौत हो गई।
29 दिसंबर 2023: सेहरामऊ दक्षिणी में रामबहादुर 75 को सांड ने उठाकर फेंक दिया। 36 घंटे के बाद उनकी मौत हो गई।
फसल के साथ जान भी ले रहे सांड
कड़ाके की सर्दी के बाद भी किसानों को खेत पर फसल की रखवाली के लिए रुकना पड़ रहा है। गोशालाएं नहीं होने के चलते गोवंश फसलों के साथ किसानों की जान ले रहा है। पिछले वर्ष भी करीब आठ लोगों की जान सांडों के हमले की वजह से चली गई थी। जनहानि हाेने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।