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अमृत सरोवर योजनाः मृतप्राय तालाबों को किया जाएगा पुनर्जीवित

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ग्राम रौसर में मां ललिता देवी मंदिर के सामने तालाब सूखा पड़ा। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। जिले में हर साल मानसून सीजन से पहले तालाबों की सिल्ट सफाई, मरम्मत, सौंदर्यीकरण आदि कामों पर करोड़ों रुपये का बजट पानी की तरह बहाया जाता है। इसके बावजूद भीषण गर्मी में तमाम तालाब सूखे और मृतप्राय पड़े होने से पशु-पक्षी प्यास से बेहाल हो रहे हैं। जिले में छोटे-बड़े आठ हजार से ज्यादा तालाब हैं।
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अधिकारियों का दावा है कि गत वित्त वर्ष में 345 तालाबों की सफाई और मरम्मत आदि काम कराए जा चुके हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में अधिकांश तालाब बदहाल हैं और कई जगह उन्हें पाट कर पक्के निर्माण किए जा रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की अमृत सरोवर योजना के तहत जिले में 75 ऐसे तालाबों की दशा संवारने की कवायद की जा रही है, जो अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही सौंदर्यीकरण योजना
शहर से सटे विकास खंड भावलखेड़ा के गांव रौसर कोठी के उत्तर दिशा में मां ललिता देवी के करीब दो सौ वर्ष पुराने मंदिर के ठीक सामने चंदन ताल नामक तालाब है जो कि कई बरसों से सूखा पड़ा है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि लगभग 100 वर्ष पूर्व इस तालाब के आसपास चंदन के पेड़ हुआ करते थे और इसी वजह से तालाब का नाम चंदन ताल पड़ गया। इस तालाब से खन्नौत नदी की दूरी महज 500 मीटर है। इसके बावजूद तालाब हमेशा सूखा ही पड़ा रहता है।
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करीब 18 बीघा क्षेत्रफल के इस तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर कई बार नाप-जोख कर जानकारी जुटाने के बाद मौके पर मुआयना करके अधिकारी यह बताकर चलते बने कि जल्द ही इस तालाब का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। तालाब में पानी भरा रखने के लिए एक ट्यूबवेल की व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया गया, लेकिन हुआ कुछ नहीं। वर्ष 2020 में रोजा चीनी मिल ने भी सामुदायिक जिम्मेदारियों का निर्वाह कर तालाब के सौंदर्यीकरण को धनराशि आवंटित की, लेकिन उससे सिर्फ तालाब के चारों ओर दो फिट चौड़ा ईट का खड़ंजा बिछाने की खानापूर्ति कर ली गई। देखरेख के अभाव में तालाब के किनारे खड़ंजा की आधी से ज्यादा ईंटे कुछ ही दिनों में उखड़ कर गायब हो गईं।
तालाबों पर कब्जेदारों को जारी हो चुके नोटिस
राजस्व विभाग भी मानता है कि जलालाबाद में रामताल और तिलहर में पीरगाह तालाब समेत शहर के मोहल्ला अजीजगंज में पांच और चौक कोतवाली क्षेत्र के गांव नवादा इंदेपुर में तीन तालाबों पर अवैध कब्जे किए गए हैं। अजीजगंज में गर्रा नदी के डाम रोड के किनारे बने तालाब पर भी लोगों ने अवैध कब्जे कर वहां पक्के निर्माण कर लिए हैं। गत वर्ष तालाबों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आने पर प्रशासन ने तालाबों पर कब्जा जमाने वाले अजीजगंज, नवादा इंदेपुर और बीबीजई हद्दफ में रहने वाले करीब 40 लोगों को नोटिस भी जारी किए, लेकिन बाद में यह मामला ठंडे बस्ते मेें चला गया और बाद में आए अधिकारियों ने तालाबों को उनके हाल पर छोड़ दिया।
अमृत सरोवर के तौर पर विकसित होंगे बड़े तालाब
अमृत सरोवर योजना में बड़े तालाब चयनित अमृत सरोवर योजना के तहत एसडीएम के नेतृत्व में गठित टीमों ने ऐसे तालाब चिह्नित किए हैं, जिनका क्षेत्रफल कम से कम एक एकड़ (0.4 हेक्टेयर) है और जिनमें दस हजार घनमीटर पानी संग्रह करने की क्षमता हो। प्रशासनिक स्तर पर किए गए सर्वे के आधार पर आगामी 15 अगस्त तक इन तालाबों की सिल्ट सफाई और जीर्णोद्घार कर उनको व्यवस्थित कराया जाएगा।
राजस्व रिकार्ड में जिले के तालाबों की अद्यतन स्थिति
तहसील तालाब वर्तमान स्थिति
सदर 1763 08 पर कब्जा
पुवायां 2864 07 पर कब्जा
तिलहर 1983 सभी सुरक्षित
जलालाबाद एवं कलान 1844 एक पर कब्जा
दो वर्ष पूर्व ग्राम पंचायतों के सभी तालाबों में शासकीय व्यय से पानी भराया गया और बाद में यह व्यवस्था ग्राम प्रधानों को इस निर्देश के साथ सौंपी गई थी कि वह ग्राम निधि से तालाबों में पानी भरवाएं। हर साल की तरह इस बार भी मानसून सीजन से पहले तालाबों को व्यवस्थित कराने का काम शुरू करा दिया गया है। इसी के समानांतर अमृत सरोवर योजना भी एक-दो दिन में काम शुरू हो जाएगा। सर्वे में किसी तालब पर अवैध कब्जा पाए जाने की दशा में तहसील स्तर के अधिकारी जरूरी कार्रवाई करेंगे।
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-विनय पटेल, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, मनरेगा
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