फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खीरी कांड को लेकर सड़क पर उतरे किसान नेता, कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन

विज्ञापन
किसानों की सस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। लखीमपुर खीरी कांड को लेकर मंगलवार को किसान फिर सड़क पर उतर आए। किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने और उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की गई।
विज्ञापन

किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर भाकियू के विभिन्न गुटों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता सुबह करीब दस बजे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर में जमा हुए। यहां हुई पंचायत में पंचायत में भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह धारीवाल ने कहा कि केवल मुआवजा बांट देना किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता। खासकर तब, जब सुनियोजित तरीके से किसानों की जान ली गई हो। मगर सरकार इस गलतफहमी में है कि लखीमपुर में किसानों के साथ हुए अत्याचार का वक्त बीतने के साथ घटना को भुला दिया जाएगा।
भाकियू चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गिल ने कहा कि सरकार भली प्रकार समझ ले कि किसानों को खैरात नहीं, बल्कि न्याय चाहिए। यह तभी मिलेगा, जब किसानों की हत्या के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर मुकदमा चलाया जाएगा। करीब एक घंटे पंचायत करने के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं जुलूस के रूप में सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम की गैर मौजूदगी में उनके कार्यालय का घेराव करने का ऐलान कर यूनियन पदाधिकारियों ने पोर्टिको में बैठकर धरना शुरू कर दिया।
विज्ञापन

किसान नेताओं ने यहां भी सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली। शाम करीब चार बजे तक धरने देने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार को ज्ञापन दिया।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि लखीमपुर में किसानों को कुचलने वाला वाहन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का है। इसलिए उन्हें तत्काल केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर उनके खिलाफ धारा 120 बी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इस पूरे मामले की उच्च न्यायालय की विशेष निगरानी में एसआईटी से जांच कराई जाए। इनमें भाकियू टिकैत गुट के मंडल अध्यक्ष संजीव अवस्थी, अखंड प्रताप सिंह, रंजीत सिंह, नरसिंह यादव, मदनपाल, तरविंदर सिंह, वेदराम, अमित कुमार, धनवीर, प्रेम सिंह, रामरहीस, दिनेश कुमार आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें