पुवायां (शाहजहांपुर)। शासन-प्रशासन की रोक के बावजूद किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 42 किसानों पर 1.66 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पराली जलाने वालों को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं बंद करने की तैयारी की जा रही है।
एसडीएम सतीश चंद्रा ने बताया कि एनजीटी ने पराली जलाने पर रोक लगा रखी है। एनजीटी के आदेशों के तहत जिला प्रशासन ने भी पराली जलाने पर रोक लगा रखी है और इसके लिए किसानों को लगातार जागरूक कर पराली नही जलाने की अपील की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी कुछ किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। पराली जलाने की घटनाओं की जांच करने और लोगों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। किसानों को समझाने के लिए अफसर खुद क्षेत्र में भ्रमण करते रहते हैं।
पुवायां तहसील क्षेत्र में पराली जलाने के आरोप में चिह्नित 42 किसानों पर 1.66 लाख का जुर्माना किया गया है। इनसे 76500 रुपये की वसूली भी की गई है और 60 किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं। एसडीएम के अनुसार पराली जलाने वालों के राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे और उनको मिलने वाली पेंशन निरस्त कराई जाएगी। इसके अलावा पूर्व में पराली जलाने के आरोप में किसानों के शस्त्र लाइसेंस निलंबन करने की संस्तुति के लिए सिंधौली, बंडा, खुटार, पुवायां के थाना प्रभारियों को पत्र भेजे गए थे। शनिवार तक रिपोर्ट नहीं मिली है। सोमवार को रिपोर्ट मंगवाकर कार्रवाई की जाएगी।
स लेखपालों को जारी हुए थे नोटिस
पुवायां। पराली जलाने के मामले में डीएम के सख्त रुख के बाद एसडीएम ने नौ अक्तूबर को खुटार के गांव पिपरिया बिरसिंहपुर के लेखपाल रामकिशोर, रौतापुर कलां के नितिन कुमार, बिजौरी बिजौरिया के अभिषेक सिंह, लक्ष्मीपुरकी शालिनी शर्मा, पुवायां के गांव उदना के लेखपाल विजय सिंह, नत्थापुर की वंदना शुक्ला, दिउरिया के बिजेंद्र सिंह, सबली कटेली के राजकुमार, बिलसिया दौलतपुर के देवेंद्र कुमार, गंगसरा की राखी सिंह को नोटिस जारी किए थे। इसके अलावा पराली जलाने के आरोप में 33 किसानों के शस्त्र लाइसेंस निलंबन की संस्तुति भेजने के लिए खुटार, पुवायां, सिंधौली और बंडा के थाना प्रभारियों को लिखा गया था। इसके बाद भी पराली जलाने की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।