शाहजहांपुर। बुधवार को सुबह कुछ देर ठंडी पुरवा हवा के झोंके चले, लेकिन बाद में धूप तेज हुई तो दिन में गर्मी बढ़ने के साथ अधिकतम तापमान भी 0.2 डिग्री बढ़कर 38.2 डिग्री सेल्सियस हो गया। शाम करीब छह बजे धूल भरी तेज आंधी चलनी शुरू हो गई और कुछ देर बाद बारिश शुरू हो जाने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
तीन दिन पहले तक अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था, लेकिन सोमवार रात से मौसम ने करवट बदलने के संकेत देने शुरू कर दिए। शहर के आसपास ग्रामीण इलाकों में कुछ देर रिमझिम फुहारें गिरीं तो वातावरण में आर्द्रता बढ़ने से हवा में शीतलता बढ़ी और दिन में अधिकतम तापमान करीब दो डिग्री घट गया था। दिन में तीखी उमस भरी धूप के बाद बुधवार शाम मौसम ने करवट ली।
तेज हवाओं के साथ आंधी और फिर बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से थोड़ी राहत मिली। शाम के समय अंधेरा छा जाने से रात जैसा नजारा दिखने लगा। करीब दस मिनट तक आंधी चलने के साथ ही चमक के साथ बादल बरसने लगे। करीब आधा घंटे तक रुक-रुककर बारिश हुई तो हवा की नमी से वातावरण में ठंडक घुलने लगी।
मौसम विश्लेषक के अनुसार बैरोमीटर सूचकांक शाम को सामान्य से करीब दस अंक कम रहा और वायुदाब में कमी से आगे भी आंधी के साथ बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। बुधवार को न्यूनतम तापमान 25.8 और अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस रहा है। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार 12 से 15 मिमी बारिश होने का अनुमान है।
हाईटेंशन लाइन पर गिरा पेड़, टूट गए तीन खंभे
तेज आंधी चलने की शुरुआत में ही बिजली लाइनों को शार्ट सर्किट से बचाने के लिए विद्युत निगम के पैना स्थित पारेषण खंड के 220 केवी और चिनौर के 132 केवी बिजली उपकेंद्र से 33 केवी वाली सभी लाइनों के फीडर बंद कर दिए। शहर के सभी इलाकों में अंधेरा छा गया। उधर, परौर में थाना गेट के पास लगा नीम का पेड़ 11 केवी हाईटेंशन लाइन पर गिर पड़ा। पेड़ की मोटी डाल गिरने से लाइन के तारों पर खिंचाव पड़ा तो बिजली के तीन खंभे भी टूटकर धराशायी हो गए।
इससे कलान-परौर मार्ग पर यातायात भी अवरुद्ध हो गया। इधर, बहादुरगंज बिजली उपकेंद्र के प्रभारी अवर अभियंता मनीष कुमार और गोविंदगंज उपकेंद्र के प्रभारी जयंत कुमार ने बताया कि शाम 7.40 बजे तक पैना से सभी लाइनें एहतियातन बंद कर दी गईं और इनकमिंग लाइनें चालू होने के बाद ही शहरी क्षत्र में कोई फाल्ट होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आम की फसल को नुकसान की आशंका
जिले में आम के बागों का रकबा करीब चार दशक में 40 हजार हेक्टेयर से घटकर बमुश्किल आठ हजार हेक्टेयर रह गया है। इस बार फरवरी तक सर्दी पड़ने से पेड़ों पर बौर देर से आया और बाद में फसल भी कम आई। देर शाम आंधी आने से आम की फसल को काफी नुकसान का आशंका है।
शाहजहांपुर में बुधवार की शाम आई आंधी के बाद हुई बारिश के दौरान लाल इमली चौहरे से घंटाघर की ओर लाइट - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर में गर्मी से राहत पाने को नदी में नहाते बच्चे । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR