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पूर्व मंत्री के नेतृत्व में आठ सदस्यीय दल करेगा अवैध निर्माण को तोड़ने की जांच

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शाहजहांपुर। पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा की पुत्रवधू रुचि वर्मा के भवन का कुछ हिस्सा तोड़े जाने की रिपोर्ट सपा हाईकमान तक पहुंचने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संज्ञान लिया। सपा मुखिया के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने आठ सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी हैं। पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल 25 अप्रैल को जांच करने के बाद डीएम से मिलकर वार्ता करेगा। उसके बाद रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को दी जाएगी।
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विधानसभा चुनाव से पहले मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ भाजपा छोड़कर सपा में आए पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा की बहू रुचि वर्मा के मकान-दुकान का कुछ हिस्सा अवैध पाए जाने पर 21 अप्रैल को जेसीबी ने तोड़ दिया था। इस मामले की रिपोर्ट सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने हाईकमान भेजी थी। अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का गठन किया है। दल में सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप, पूर्व एमएलसी अमित यादव रिंकू, शशांक यादव, उपेंद्र पाल सिंह, जिला महासचिव रणंजय यादव और महानगर अध्यक्ष कपिल वर्मा को शामिल किया है। जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा के खिलाफ भाजपा सरकार द्वारा बिना नोटिस द्वेषपूर्ण भावना से बिल्डिंग का हिस्सा गिराए जाने की जांच के निर्देश प्रतिनिधि मंडल को दिए हैं।
आरोप: बिना बताए तोड़ा भवन, दावा : चस्पा किया था नोटिस
निगोही। पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा ने बिना कोई नोटिस दिए भवन तोड़े जाने की बात कहते हुए प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं नायब तहसीलदार का दावा है कि शिकायत आने के बाद नौ अप्रैल को अभिलेख दिखाने के लिए बुलाया था। इसके बाद नोटिस चस्पा करने तोड़फोड़ की गई है। तमाम लोगों ने डीएम से शिकायत करते हुए रोशन लाल पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया। राजस्व विभाग ने जांच शुरू की। थाने के सामने 25 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध रूप से कब्जा मिला, जिसके बाद 21 अप्रैल को प्रशासन ने पुलिस बल के साथ अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
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इस बीच पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा ने डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। तिलहर के नायब तहसीलदार जगमोहन जोशी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि 25 वर्ग मीटर ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा मिला था। शिकायत के आधार पर जांच की गई। इस बीच नौ अप्रैल को अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए बुलाया था, लेकिन पूर्व विधायक या उनके परिवार का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। उसके बाद नोटिस को चस्पा किया गया और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
मेरे पति विनोद वर्मा ने 2010 में जमीन खरीदा थी। धीरे-धीरे भवन बनवाया था। इस बीच विनोद की मृत्यु हो गई। गाटा संख्या 333 में और भी कई मकान हैं, लेकिन उन्हें प्रशासन ने छुआ तक नहीं है। सिर्फ हमारा ही भवन तोड़ दिया गया। यह बदले की भावना से कार्रवाई की गई है। इस भवन के अलावा मेरे पास रोजी-रोटी का कोई जरिया नहीं है। राजनीतिक द्वेषभाव के कारण सारी कार्रवाई की जा रही है। -रुचि वर्मा, पूर्व विधायक की पुत्रवधू
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