दिल्ली विधानसभा चुनावों में अपने प्रदर्शन से सभी को हैरान करने वाली आम आदमी पार्टी के सामने अब लोकसभा की कड़ी चुनौती खड़ी है, लेकिन मुश्किल वक्त में उसे एक के बाद एक कई झटके लग रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने जिन अहम सीटों पर बड़े सोच-विचार के बाद अपने उम्मीदवार उतारे थे, उनमें से कई ने टिकट लौटाकर उसकी रणनीति की हवा निकाल दी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद के खिलाफ फर्रुखाबाद और चंडीगढ़ से पवन बंसल के खिलाफ उतरे आम आदमी पार्टी के योद्धाओं ने अपने नाम पहले ही वापस ले लिए थे। और अब बारी उत्तर प्रदेश की एक और अहम सीट की है, जहां उसका खेल बिगड़ गया है।
सोनिया के खिलाफ लड़ने से इनकार
आम आदमी पार्टी के टिकट पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ मैदान में उतरे रिटायर्ड जस्टिस फखरुद्दीन ने इस दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया है। केजरीवाल के लिए यह वाकई तगड़ा झटका है।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस बात की पुष्टि की है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने खुद को चुनाव से दूर रखने का फैसला किया है।
अब अर्चना श्रीवास्तव देंगी चुनौती
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वैभव महेश्वरी के मुताबिक उन्होंने पार्टी को इस बारे में सूचना दे दी है कि फखरुद्दीन लोकसभा चुनावों के लिए उपलब्ध नहीं हो सकेंगे।
पार्टी ने अब सोनिया गांधी के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता अर्चना श्रीवास्तव को उतारने का फैसला किया है। आम आदमी पार्टी ने अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ कुमार विश्वास को उतारा है।
इसी सीट पर भाजपा उम्मीदवार अजय अग्रवाल ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
मुकुल त्रिपाठी लौटा चुके हैं टिकट
इससे पहले यूपीए सरकार में विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के खिलाफ खड़े आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मुकुल त्रिपाठी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर संगीन आरोप लगाते हुए टिकट लौटा दिया था।
साथ ही लखीमपुर खीरी से पार्टी के दिग्गज और सबसे वरिष्ठ नेताओं में एक इलियास आजमी ने भी टिकट लौटा दिया था। चंडीगढ़ से सविता भट्टी पहले ही टिकट लौटा चुकी हैं। सविता की जगह AAP ने पवन बंसल के खिलाफ अब फिल्म एक्ट्रेस गुल पनाग को मौका दिया है।
राखी बिडलान पर भी लगे आरोप
मुकुल त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि क्षेत्र में उन्हें कतई समर्थन नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा था, "संजय सिंह को कई बार फोन करने पर भी उन्होंने फोन तक उठाने की जहमत नहीं उठाई। लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी भी सिर्फ 5 फीसदी वोट चाहते हैं, ताकि पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाए।"
इनके अलावा और भी नेता अरविंद को टिकट लौटा चुके हैं। उत्तर-पश्चिम दिल्ली से आप के उम्मीदवार महेंद्र सिंह भी राखी बिड़लान पर आरोप लगाकर टिकट लौटा चुके हैं। महेंद्र सिंह ने राखी पर पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए टिकट लौटाया था, जिसकी वजह से पार्टी की छवि को भी करारा झटका लगा था।
सविता भट्टी ने लौटाया टिकट
यूपी के ही फैजाबाद से पार्टी के उम्मीदवर इकबाल मुस्तफा भी टिकट लौटा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, फैजाबाद में भी इकबाल को स्थानीय समर्थन न मिलने के चलते ही यह कदम उठाना पड़ा था।
कुछ ऐसे ही आरोप जसपाल भट्टी की पत्नी सविता भट्टी ने भी लगाए थे और अरविंद को टिकट लौटा दिया था। अब उनकी जगह गुल पनाग चुनाव लड़ रही हैं। कुल मिलाकर आम आदमी पार्टी की चुनौतियां थमने का नाम नहीं ले रहीं।