असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए केवल ऑनलाइन काउंसलिंग कराए जाने के आदेश के बाद 22 अक्तूबर से प्रस्तावित ऑफलाइन काउंसलिंग टाल दी गई। इसके विरोध में चयनित अभ्यर्थी सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थियों का दावा है कि ऑनलाइन काउंसलिंग में भी वक्त लगेगा और इससे अभ्यर्थियों को ही नुकसान होगा।
विज्ञापन संख्या-46 के तहत तीन विषयों रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान और जंतु विज्ञान में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों की ऑफलाइन काउंसलिंग 22 अक्तूबर से शुरू होनी थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि अब तक 41 विषयों की ऑफलाइन काउंसलिंग कराई जा चुकी है।
इसके लिए अभ्यर्थियों को निदेशालय आना पड़ता था और साक्षात्कार के दौरान भरे गए विकल्प के अनुसार अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित कर दिया जाता था। इस प्रक्रिया में अधिकतम 10 दिन लगते थे। अब ऑफलाइन काउंसलिंग टाल दी गई है और ऑनलाइन काउंसलिंग कब शुरू होगी, मालूम नहीं। इस परीक्षा का विज्ञापन मार्च 2014 में आया था।
चार साल इंतजार के बाद नियुक्ति शुरू हुई तो नया अड़ंगा लग गया। ऑनलाइन काउंसलिंग में अभ्यर्थियों की ओर से साक्षात्कार के समय भरे गए विकल्प को कंप्यूटर में फीडकर वरीयता क्रम के अनुसार कॉलेज आवंटित किया जाएगा और अभ्यर्थी अपने रोल नंबर एवं जन्मतिथि के आधार पर आपना आवंटन पत्र कंप्यूटर से ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।
अभ्यर्थियों का दावा है कि इस प्रक्रिया में भी अनावश्यक विलंब होगा। अभ्यर्थियों ने कहा कि ऑफलाइन काउंसलिंग जल्द शुरू नहीं की गई तो बेमियादी धरने पर बैठे जाएंगे। इसमें चंद्रेश पांडेय, पवन कुमार सिंह, विनय सिंह, अवधेश, नवदीप, राकेश वर्मा, समरजीत सिंह आदि शामिल रहे।