विधायक मेंहदावल ने की पहल तो बनी बात, एडीएम, एएसपी समेत कई अफसरों ने की समझाने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। सड़क हादसे में मंगलवार को तीन युवकों की हुई मौत से कैथवलिया गांव में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। पोस्टमार्टम हाउस पर मंगलवार देर शाम से पीड़ित घरवालों को पुलिस मनाने में जुटी रही। परिजन तरह-तरह के आरोप लगाकर अफसरों की बात मानने को तैयार नहीं थे। करीब 19 घंटे तक मान मनौव्वल का दौर चला। विधायक मेंहदावल पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पीड़ित परिजनों को समझाया तब जाकर परिजन माने। इसके बाद शवों का पोस्टमार्टम हो सका।
मंगलवार शाम को गोरखपुर से बाइक से वापस लौटते दौरान हाईवे पर बूधाकला पेट्रोल पंप के पास हुए हादसे में कैथवलिया गांव के रहने वाले धीरेंद्र उर्फ पुजारी पुत्र रामशब्द, रामकेस पुत्र पंचम और रोहित पुत्र राममिलन की मौत हो गई थी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजवा दिया था। देर शाम पीड़ित परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए थे। पीड़ित पिता रामशब्द पुलिस से सवाल कर रहे थे। आरोप मढ़ रहे थे कि जिस वाहन से हादसा हुआ ,उसे पुलिस ने भगा दिया। बगैर पीड़ित परिजन के पहुंचे ही पुलिस आखिर शवों को मौके से क्यों उठा कर ले आई। कांटे चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज समेत सात पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया जाए। शवों का पोस्टमार्टम कराने को परिजन तैयार नहीं थे। रात में ही सूचना पर सपा नेता जयराम पांडेय पहुंच गए थे और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। समझाने का प्रयास भी किया। परिजन अपनी जिद पर अड़े रहे। बुधवार को दोपहर में एडीएम मनोज कुमार सिंह, एएसपी संतोष कुमार सिंह, सीओ राम प्रकाश,एएसडीएम नवीन श्रीवास्तव,कोतवाल अनिल कुमार, बेलहर एसओ संतोष कुमार मिश्र पीड़ित परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। उसी दौरान विधायक मेंहदावल राकेश सिंह बघेल और कांग्रेस नेता परवेज खान भी पहुंच गए। विधायक राकेश सिंह बघेल ने पीड़ित परिजनों से वार्ता की। करीब दो घंटे तक मौजूद रहकर समझाया तो परिजन मान गए। विधायक ने पीड़ित परिजनों को आश्वासन दिया कि उनकी भरपूर मदद होगी। जो भी समस्या है, उसका समाधान कराया जाएगा। कोतवाल अनिल कुमार ने बताय कि तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस की सुुरक्षा में शवों को उनके गांव भेजवा दिया गया।
डेढ़ साल से अटकी बिसरा रिपोर्ट से पुलिस की कार्यशैली पर उठाया सवाल
पीड़ित रामशब्द के साढू बेलहर क्षेत्र के खरवनिया निवासी विश्वनाथ ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उसके 19 वर्षीय बेटे हरिद्वार की ननिहाल गांव गनवरिया में हत्या कर दी गई थी। बेटे का शव रिश्तेदार के घर के बरामदे में मिला था। आरोप मढ़ा कि रिश्तेदार के पट्टीदारों ने घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में कोर्ट से चार लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराथा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं आया और बिसरा सुरक्षित कर दिया गया। डेढ़ साल से अधिक का समय गुजर गया और अभी तक बिसरा की रिपोर्ट नहीं आई। इस घटना में भी पुलिस की ओर से लापरवाही बरती गई। साढू के बेटे पुजारी समेत तीन युवकों की दुर्घटना में मौत हुई और पुलिस बगैर पीड़ित परिजनों के पहुंचे ही शवों को हटवा दिया गया। एएसपी ने बिसरा की रिपोर्ट में देरी होने का कारण पता करने और जल्द मंगाने के लिए पहल करने का आश्वासन दिया।