बारिश से बर्बाद फसल की क्षति का होगा सर्वे
कृषि विभाग ने अभी तक 78 गांव चिह्नित
राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीम करेगी क्षति का आकलन
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। अतिवृष्टि से फसलों को हुई क्षति का सर्वे होगा। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से अब तक 78 गांवों की सूची तैयार की गई है। सर्वे टीम में कृषि विभाग के कर्मी, राजस्व कर्मी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बारिश से जलभराव की वजह से फसलों के नुकसान का आकलन होगा। 50 प्रतिशत से अधिक फसलों का नुकसान पाए जाने पर बीमित किसान को बीमा राशि का 25 प्रतिशत क्षतिपूर्ति तत्काल दिए जाने का नियम भी है।
अगस्त में लगातार हुई बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। इससे किसानों की धान की फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। फसल डूबने से किसानों की लागत भी डूब जाने के कगार पर है। इसको लेकर किसान चिंतित है। किसान फसल का मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इधर, कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मियों के जरिए बारिश से फसलों को हुई क्षति वाले गांवों को चिह्नित करके रिपोर्ट मांगी है। अब तक जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में 78 गांवों की सूची प्राप्त हुई है। उसमें हैंसर बाजार ब्लॉक के 23 गांव चिह्नित हैं। इसमें गायघाट, खड़गपुर, सीयर अधीन, कंचनपुर, करनपुर, सीयल कला, धमचिया, दौलतपुर आदि गांव शामिल हैं। इसके साथ ही पौली ब्लॉक के 17 गांव चिह्नित किए गए हैं। उसमें छपरा मगर्वी, भोतहा, तेजपुर, बछईपुर, पड़रिया, खर्चा आदि गांव शामिल हैं। इसी तरह मेंहदावल ब्लॉक क्षेत्र के नौ गांव चिह्नित हैं। इसमें करमैनी, गगनई राव, जोरवा, बेलौली, नौगों आदि गांव शामिल हैं। इसी तरह सांथा ब्लॉक क्षेत्र के 17 गांव चिह्नित हैं। उसमें जोगीवीर, झुडिया, मंझारीकला, अगियौना, निबिहा, दुबौली आदि गांव शामिल हैं। बघौली ब्लॉक क्षेत्र में 11 गांव चिह्नित हैं। इसमें मलोरना, हावपुर भडारी, बड़गों, जसवल भरवलिया आदि गांव शामिल हैं। इसी तरह नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र में सिर्फ एक गांव ओन बिलाई अभी तक चिह्नित हुआ है। वैसे जलभराव से फसलों को हुई क्षति वाले गांव अभी चिह्नित किए जा रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी पी सी विश्वकर्मा ने बताया कि यदि जल निकासी की व्यवस्था हो तो किसान खेतों से पानी निकालने का प्रयास करें। जब खेत में पानी न हो तो उसमें यूरिया का छिड़काव करें। किसान को चाहिए कि यदि उनकी फसलों को क्षति हुई हो और बीमित किसान हों तो वे इसकी सूचना विकास खंड स्तरीय बीज गोदाम पर या फिर बीमा कंपनी को दें। उन्होंने बताया कि अभी तक क्षेत्रीय कर्मचारियों ने जलभराव से फसलों को हुई क्षति वाले 78 गांवों की सूची दी है। राजस्व, कृषि विभा और बीमा कंपनी की संयुक्त टीम सर्वे करके फसलों को हुई क्षति का आकलन करेगी। यदि किसी बीमित किसान की फसल अतिवृष्टि से 50 प्रतिशत अधिक क्षति हुई होगी तो उसे बीमा धनराशि का 25 प्रतिशत धन तत्काल उसके खाते में भेजवाया जाएगा।