आरटीओ कार्यालय के समीप हुए मारपीट में घायल युवक को ले जाती पुलिस।संवाद
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गाड़ी आगे-पीछे करने को लेकर अधिवक्ता और रिटायर्ड फौजी के बीच मारपीट
अधिवक्ता की ओर से पुलिस ने रिटायर्ड फौजी और उनके सहयोगियों पर दर्ज किया केस
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मढ़ा आरोप-प्रत्यारोप
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। स्टेडियम गेट के पास गाड़ी आगे-पीछे करने को लेकर एक अधिवक्ता और रिटायर्ड फौजी के बीच शुक्रवार को विवाद हुआ। बाताकही के बीच विवाद काफी बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इसमें दोनों पक्षों से अधिवक्ता और फौजी समेत चार लोगों को चोटें आईं। फौजी के साथ ही उनकी लाइसेंसी पिस्टल और उसके दो अन्य सहयोगियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप मढ़ा। अधिवक्ता की ओर से पुलिस को तहरीर दे दी गई है।
बिधियानी निवासी अधिवक्ता प्रसेनजीत राय अपनी कार से दीवानी न्यायालय से कलेक्ट्रेट जा रहे थे। उसी दौरान बस्ती जिले के रुधौली क्षेत्र के ड़डवा मगुआ पांडेय निवासी आर्मी में नायब सूबेदार पद से सेवानिवृत्त अखिलेश पांडेय अपने भतीजे जयमंगल पांडेय, सहयोगी दुधारा क्षेत्र के सियाकटाई निवासी कमलेश यादव तथा ड्राइवर के साथ कार से कचहरी जा रहे थे। स्टेडियम के पास दोनों लोगों की कार आमने-सामने हो गई। सड़क के दोनों तरफ बने गड्ढे में जलभराव है। इसकी वजह से दोनों पक्ष एक-दूसरे को गाड़ी पीछे करने को कहने लगे। गाड़ी को आगे-पीछे करने को लेकर विवाद बढ़ा और मारपीट में तब्दील हो गया। सूचना पर कलेक्ट्रेट चौकी और न्यायालय सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मी पहुंच गए। बीच-बचाव के दौरान पुलिस कर्मियों से भी जुटी भीड़ ने धक्का-मुक्की की। पुलिस मौके से रिटायर्ड फौजी और उनके भतीजे व सहयोगी कमलेश यादव को हिरासत में लेते हुए कोतवाली चली गई। मारपीट में अधिवक्ता प्रसेनजीत राय को काफी चोटें आईं। घायल अधिवक्ता प्रसेनजीत राय का आरोप है कि स्टेडियम गेट के पास गाड़ी किनारे करने की बात को लेकर कार से चार लोग उतरे और अपशब्द कहने लगे। आरोप है कि लोग उनके सीने पर पिस्टल सटा दिए। जान से मारने की नीयत से फायर किए और उनकी शर्ट की जेब से 2100 रुपये लूट लिए। आरोप है कि घटना को देखकर उनकी जान बचाने के लिए अधिवक्तागण दौड़े तो विपक्षी फायर करते हुए अपनी गाड़ी में बैठ कर परिसर की ओर भागे। पीछा करने पर एआरटीओ गेट के पास तीन लोगों को अधिवक्ताओं ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। जबकि रिटायर्ड फौजी अखिलेश पांडेय का आरोप है कि गाड़ी आगे-पीछे करने के विवाद को लेकर अधिवक्ता और उनके सहयोगियों ने उन्हें और भतीजे जयमंगल पांडेय, सहयोगी कमलेश यादव को मारापीटा। कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि अधिवक्ता प्रसेनजीत राय और रिटायर्ड फौजी अखिलेेश पांडेय के बीच गाड़ी आगे-पीछे करने को लेकर कहासुनी हुई। पहले रिटायर्ड फौजी ने अपने लोगों के साथ मिलकर अधिवक्ता की बुरी तरह से पिटाई कर दिए। बाद में काफी संख्या मेें अधिवक्ता जुट गए । भीड़ ने रिटायर्ड फौजी और उनके सहयोगियों को पकड़ लिया और पिटाई की। पीड़ित अधिवक्ता प्रसेनजीत राय की तहरीर के आधार पर रिटायर्ड फौजी और उनके सहयोगियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और लूट का केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। रिटायर्ड फौजी की लाइसेंसी पिस्टल कब्जे में ले ली गई है।