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खतरे के निशान से 60 सेमी. ऊपर बह रही राप्ती नदी

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मेंहदावल क्षेत्र में जलमग्न धान की फसल चारा के लिए पशु परेशान।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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खतरे के निशान से 60 सेमी. ऊपर बह रही राप्ती नदी
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- तटबंधों पर बढ़ा दबाव, ड्रेनेज खंड के अभियंता तटबंध की कर रहे निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। राप्ती नदी का जलस्तर नीचे आ रहा है, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिससे तटबंधों पर नदी की धारा का दबाव बना हुआ है। इसको देखते हुए ड्रेनेज खंड के अवर अभियान बंधे पर कैंप कर रहे हैं।
मंगलवार को सुबह आठ बजे राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 79.50 मीटर से 65 सेंटीमीटर ऊपर था। दोपहर 12 बजे नदी के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की कमी आई। शाम तक राप्ती नदी खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। ड्रेनेज खंड द्वितीय के अवर अभियंता व कर्मचारी तटबंध पर रहकर जलस्तर व बांध की निगरानी कर रहे हैं।
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वहीं मेंहदावल क्षेत्र में स्थित करमैनी बेलौली तटबंध पर राप्ती का जलस्तर चार दिन पूर्व 80.60 मीटर पर पहुंच गया था, लेकिन अब नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। घटते जलस्तर को देखकर विभागीय अधिकारी व ग्रामीण राहत की सांस ले रहे हैं। फिर भी एहतियात बरतते हुए अधिकारी व कर्मचारी तटबंध पर रहकर बांध व जलस्तर की निगरानी में जुटे हैं। ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में राप्ती का जलस्तर अब नीचे आ रहा है। करमैनी बेलौली तटबंध की सुरक्षा में कर्मचारी लगाए गए हैं जो अब भी आवश्यकता अनुसार तटबंध को सुरक्षित करने के लिए बाढ़ निरोधक कार्य करा रहे हैं। नौगो, बिशुनपुर व बेलौली में नदी तटबंध से सटकर बह रही है। विभागीय दावा है कि तटबंध पर अब जलस्तर का कोई प्रभाव नहीं है। बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। सहायक अभियंता रामजागीर लाल ने बताया कि करमैनी बेलौली पूरी तरह से सुरक्षित है। तटबंध पर कोई दबाव नहीं है अब नदी का जलस्तर नीचे आ गया है।
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