आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ट्रेड यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ स्कीम वर्करों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने स्कीम वर्करों कम से कम 21 हजार रुपये मानदेय के रूप में देने की मांग की। इसके साथ ही विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष मंजू चौधरी व संरक्षक अयोध्या प्रसाद ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने पत्र में स्कीम वर्करों के लिए कई वादे किए थे, लेकिन उस पर अमल नहीं किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य की तर्ज पर आंगनबाड़ी को कम से कम 10 हजार मानदेय, फंड और पेंशन तत्काल दिया जाए। बढ़े हुए प्रोत्साहन की धनराशि को भत्ते के रूप में न देकर मूल मानदेय में बढ़ोत्तरी करने का आदेश दिया जाए। 62 वर्ष की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को काम पर वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनी को प्रोत्साहन राशि के स्थान पर नियमित मानदेय का भुगतान किया जाए। कार्यवाहक अध्यक्ष नीरू मिश्रा ने कहा कि भारतीय श्रम सम्मेलनों की सिफारिशों के अनुसार आशा, आंगनबाड़ी, रसोइयां को श्रमिक के रूप में मान्यता देते हुए 21 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन, 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन, ईएसआई व ईपीएफ आदि प्रदान किया जाए। सभी वर्करों को कम से कम 15 दिनों का आकस्मिक अवकाश, चिकित्सीय अवकाश, प्रसूता अवकाश, सदी व गर्मी की छुट्टियों का अवकाश दिया जाए। बकाया का भुगतान तत्काल कराया जाए।
इस दौरान महामंत्री गरिमा सिंह, बीना मौर्य, सुरसती देवी, रानी दूबे, मांडवीय मिश्रा, राजमतिख प्रकाश मति, वसीमा खातून, गंगोत्री देवी, शशिकला पांडेय, प्रतिभा उपाध्याय आदि मौजूद रहीं।