खुद को ठगा महसूस कर रहे शहरी क्षेत्र में शामिल गांवों के लोग
खलीलाबाद क्षेत्र के 16 गांवों को शहरी विकास का अब भी इंतजार
करीब एक पूर्व नगर पालिका के सीमा विस्तार में जुड़े हैं ये गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। करीब एक साल पूर्व नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के सीमा विस्तार के दायरे में आए 16 गांवों के लोग अब खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। इन गांवों को शहरी विकास का सपना दिखाया गया, लेकिन अभी तक विकास की शुरुआत तक नहीं हुई है। यहां अब भी गांव जैसी सुविधाएं ही मिल रही हैं।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के सीमा विस्तार में पटखौली, सरौली, बड़गों, खटौली, मिश्रौलिया, डीघा, उसका खुर्द, सादिकगंज, मोहद्दीपुुर, नेदुला, मैलानी, बेलवनिया, कसैला, गौसपुर, सरैया समेत 16 गांवों को शामिल किया गया है। एक अक्तूबर 2020 से पालिका क्षेत्र में आने के बाद से अब तक यहां कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है, जबकि ग्राम पंचायत के दायरे से गांव को बाहर किए जाने के बाद ब्लॉक स्तर से भी यहां कार्य कराना संभव नहीं है। स्थिति यह है कि इन क्षेत्रों में ठीक से सफाई भी नहीं हो पा रही है। अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। बारिश के कारण जलनिकासी की समस्या गंभीर हो गई है। सड़क, इंटरलॉकिंग, खड़ंजा जैसे आदि के कार्य भी नहीं कराए जा रहे हैं। क्षेत्र के निवासी अरविंद कुमार, सुरेश चंद्र आदि ने कहा कि अभी तक विकास कार्य न होने से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेश मौर्य ने कहा कि इन क्षेत्रों में सफाई कार्य के लिए टीमें लगाई गईं है। टीमें नए क्षेत्र में पहुंच कर सफाई कार्य कर रही हैं। शासन से बजट मिलने पर नगरीय क्षेत्र में शामिल इन गांवों में विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराएं जाएंगे।
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नगरीय क्षेत्र में शामिल 16 गांवों में विकास कार्य प्राथमिकता के साथ कराएं जाएंगे। इसके लिए कार्य योजना तैयार कराई जा रही है। शासन से जैसे ही बजट मिलेगा, वैसे ही नगरीय सुविधाओं का लाभ यहां की आबादी को हर हाल में दिलाया जाएगा। बिजली, पानी, सड़क, विवाहघर बनवाने आदि के कार्य कराएंगे।
- श्याम सुंदर वर्मा, चेयरमैन, नगर पालिका खलीलाबाद।