संतकबीरनगर। कार डीलर को गलत नाम से पंजीयन प्रमाण बनवाना पड़ा भारी। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने कार डीलर के खिलाफ फैसला सुनाया है। मामला बीबीएस इंटरप्राइजेज नौसड़ गोरखपुर का है।
कोतवाली खलीलाबाद थाना क्षेत्र के स्टेशनपुरवा मोहल्ला निवासी अभयनाथ दुबे ने उपभोक्ता आयोग में मुकदमा दाखिल कर कहा कि उन्होंने गोरखपुर से अगस्त 2018 में बीबीएस इंटरप्राइजेज नौसड़ से निसान कंपनी की डस्टन रेडिगो तीन लाख 49 हजार 524 में खरीदी। जिसके बावत उन्होंने एचडीएफसी बैंक शाखा खलीलाबाद से ऋण भी लिया। डीलर ने आधार कार्ड, पैनकार्ड, निर्वाचन कार्ड, आईटीआर समेत समस्त कागजात लेने के उपरांत गेट पास आदि लेने के बाद गेटपास व बीमा प्रपत्र पर क्रेता का नाम पता सही उल्लेख किया गया, परंतु वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र में किसी अज्ञात फर्म वेल्डन ग्रुप का नाम अंकित कर दिया। कई बार शिकायत करने के बावजूद उसे दुरुस्त नहीं किया गया। इस दौरान उक्त वाहन कई बार दुर्घटना ग्रस्त हुई, बीमा कंपनी ने पंजीयन प्रमाण पत्र में नाम भिन्न होने के कारण दावा स्वीकार नहीं किया गया।
मरम्मत के मद में एक लाख 29 हजार 146 रुपये खर्च हुआ। कोर्ट ने पत्रावली पर दाखिल प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत कार डीलर के खिलाफ फैसला सुनाते हुए मरम्मत के मद में खर्च एक लाख 29 हजार 146 रुपये के दावा दाखिल करने की तिथि 27 अक्तूबर 2020 से 10 प्रतिशत ब्याज के साथ क्षतिपूर्ति के रूप में एक लाख 10 हजार रुपये साथ दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया है।