संतकबीरनगर। जिले में राप्ती नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। मंगलवार को इसके जलस्तर में छह सेंटीमीटर गिरावट दर्ज की गई। जिससे लोगों को राहत मिली है। वहींं नाथनगर ब्लाॅक के अतरौलिया उर्फ मठिया गांव के समीप कुआनो नदी आठ सौ मीटर की दूरी पर पांच स्थानों पर कटान कर रही है। ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार खेत के मेड के किनारे खड़े कई पेड़ कटान के चलते नदी में समा गए हैं। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता डेरा डालकर कटान रोकने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार को राप्ती का जलस्तर 79.88 मीटर पर स्थिर हो गया था। लाल निशान से राप्ती 38 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी, लेकिन सोमवार को शाम पांच बजे जलस्तर स्थिर होते ही विभागीय अधिकारियों को राहत मिल गई थी। मंगलवार को सुबह आठ बजे जब जलस्तर मापा गया तो तीन सेंटीमीटर जलस्तर नीचे आया था, लेकिन दोपहर बाद जल स्तर में छह सेंटीमीटर की गिरावट आई। वर्तमान समय में जलस्तर 79.82 मीटर पर है। ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता राम उजागिर लाल के नेतृत्व में अवर अभियंताओं की टीम जलस्तर तथा तटबंध की निगरानी कर रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि धीरे-धीरे नदी के जलस्तर में और कमी आएगी। जलस्तर नीचे आने के दौरान भी तटबंध की निगरानी आवश्यक है।
अवर अभियंता वीरेंद्र यादव तथा दिनेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को जलस्तर में छह सेंटीमीटर की कमी आई है। नदी का जलस्तर 79.82 मीटर पर आ गया है। धीरे-धीरे नदी का जलस्तर अब नीचे आएगा। तटबंध बंद पूरी तरह से सुरक्षित है। जलस्तर तथा तटबंध की निगरानी अभी की जा रही है। वहीं करमैनी बेलौली तटबंध पर स्थित ग्राम पंचायत नौगों के समीप तटबंध पर रेनकट को लेकर ग्राम प्रधान शेष नाथ यादव ने एसडीएम से शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर एसडीएम उत्कर्ष श्रीवास्तव मंगलवार को मौके पर जांच करने पहुंचे। तटबंध का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान की शिकायत सही पाई। उन्होंने मौके पर ड्रेनेज खंड विभाग को तलब करते हुए तटबंध पर मौजूद होल तथा रेनकट को तत्काल भरने का निर्देश दिया।
बोरियाें में मिट्टी भरकर कटान रोकने के प्रयास में जुटा विभाग
धनघटा। नाथनगर ब्लाॅक के अतरौलिया उर्फ मठिया गांव के समीप बह रही कुआनो नदी आठ सौ मीटर की दूरी पर पांच स्थानों पर कटान कर रही है। ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार खेत के मेड किनारे खड़े कई पेड़ कटान के चलते नदी में समा गए है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता डेरा डालकर कटान रोकने के प्रयास में जुटे हुए है।
कुआनो नदी किनारे बसे गांव के लिए यह नदी किसी वरदान से कम नहीं है। नदी किनारे पानी विहीन जगह पर खेती की फसल लहराती रहती है, लेकिन मानसून दस्तक इन्हीं गांवों के लिए अभिशाप बन जाती है। मूसलाधार बारिश जैसे थमी वैसे ही कुआनो नदी अपने विकराल रूप में आ गई। मंगलवार अपराह्न तक नदी आठ सौ मीटर की दूरी पर स्थित खेतों में तेजी से कटान करना शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता धीरेंद्र त्रिपाठी ट्राली से मिट्टी गिरवाकर बोरे में मिट्टी डालकर कटान रोकने के लिए कार्य शुरू करा दिया है। लेकिन देखने में यह लग रहा था कि स्थिति सुधर नहीं सकती है। कुआनो नदी जिस तेजी से बढ़ाव के साथ कटान कर रही है। इससे यह अनुमान लगाना गलत नहीं होगा कि लाखों की लागत से बने अंत्येष्टि स्थल कहीं नदी में विलीन ना हो जाए। नदी और अंत्येष्टि की दूरी महज तीन मीटर के करीब रह गई है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता धीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कुआनो नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार की अपेक्षा मंगलवार को नदी का जलस्तर तीन सेंटीमीटर बढ़ाव की ओर है। लेकिन नदी बांध से काफी दूर है। खतरे के स्तर से लगभग 86 सेंटी मीटर नीचे होकर बह रही है।
अतरौलिया उर्फ मठिया का मुख्य मार्ग जलमग्न
धनघटा। नाथनगर ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय अतरौलिया उर्फ मठिया से बनियाभार गांव को जोड़ने वाली सड़क के ऊपर कुआनो नदी का पानी बह रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करके गांव तक पहुंचना मजबूरी बन गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या निस्तारण कराने की मांग किया है।
घाघरा का घटा जल स्तर तो कुआनो नदी उफान पर
पौली/रोसयाबाजार। दो दिन से घाघरा नदी का जल स्तर घटने लगा तो द्वाबा क्षेत्र में बहने वाली कुआनो नदी का जल स्तर बढ़ने से ग्रामीण भयभीत हैं। खेवसिया गांव के ग्रामीण अंगद यादव, सर्वेश, सुभाष चंद्र, मनीराम, ज्ञानचंद, राम भारत, राम सकल, विनोद गुप्ता ने बताया कि एक तरफ हम लोगों की सैकड़ो बीघा फसल नदी में विलीन हो गई है। दूसरी तरफ हम लोगों के घरों के पास नदी का पानी आ जाने से परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि सब्जी, धान, मक्का पूरी तरह से पानी में विलीन हो गया है। जानवरों के निवाले पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सहायक अभियंता ड्रेनेज खंड सतीश चंद ने बताया कि घाघरा के जल स्तर में गिरावट है जो खतरे के निशान से नीचे बह रही है। कुआनो नदी तेजी से बढ़ रहा