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शहर के आधे क्षेत्र में जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं, गर्मी में बढ़ेगा संकट

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शहर के आधे क्षेत्र में जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं, गर्मी में बढ़ेगा संकट
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-एक मात्र ओवरहेड टैंक के जरिए सीमित क्षेत्र में हो रही पानी की सप्लाई
-मड़या, औद्योगिक आस्थान सहित नई बस्ती में जलापूर्ति के लिए नहीं हो सकी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की आधी आबादी में अब भी पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कारण यह है कि पालिका प्रशासन अब तक इन सभी वार्डों में जलापूर्ति के लिए पाइन लाइन ही नहीं बिछा सका है। ऐसे में गर्मी बढ़ने के साथ ही शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल के संकट से जूझना पड़ेगा, लेकिन पालिका प्रशासन गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।
सीमा विस्तार के बाद पालिका परिषद खलीलाबाद की कुल आबादी करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई है। यह आबादी 25 वार्डों में बंटी है, लेकिन सभी वार्डों में पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने में पालिका प्रशासन नाकाम साबित हुआ है। स्थिति यह है कि शहर के मड़या, औद्योगिक आस्थाल, बगहिया सहित नई बसी कालोनियों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था नहीं हो सकी है। अभी पेयजल आपूर्ति के लिए जो व्यवस्था है, इसके तहत पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए 22 सौ किलोलीटर की क्षमता का ओवरहेड टैंक बना है। साथ ही चार नलकूप बनवाएं गए हैं, लेकिन इनमें से एक नलकूप पूरी तरह से बेकार हो गया है। वैसे पालिका प्रशासन का मानना है कि प्रति व्यक्ति औसतन 135 लीटर पानी की जरूरत पड़ती है, लेकिन जो व्यवस्था है, उसमें आधी आबादी भी कवर नहीं हो सकी है। इसके साथ ही पालिका क्षेत्र में कुल 236 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं, इसमें से भी कई हैंडपंप रिबोर कराने लायक हैं। ऐसे में गर्मी के मौसम में पेयजल का संकट खड़ा हो सकता है। खलीलाबाद शहर के निवासी दिलीप कुमार, प्रदीप कुमार ने बताया कि जलापूर्ति की व्यवस्था सभी वार्डों में नहीं हैं। जहां आपूर्ति हो रही है, उसमें भी अक्सर दूषित पानी आता है, जो पीने योग्य नहीं रहता है। लोगों ने कहा कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो पानी का संकट गहरा सकता है।
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इंसेट-
मड़या और औद्योगिक आस्थान में हो रही जलापूर्ति की व्यवस्था
शहर के मड़या व औद्योगिक आस्थान में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। चूंकि मड़या हाईवे के उत्तरी छोर पर बसा है और औद्योगिक आस्थान रेलवे लाइन के दूसरे छोर पर है, इसके लिए जलापूर्ति की पाइन लाइन नहीं डाली जा सकी है। इन दोनों क्षेत्रों के लिए 30-30 लाख रुपये की पेयजल परियोजना स्वीकृत है और काम भी चल रहा है। जल्द ही इन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके साथ ही नई बसी कॉलोनियों के लिए भी कार्य योजना तैयार की जा रही है।
सुरेश मौर्य, ईओ नगर पालिका
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