जिला अस्पताल : हार्ट, न्यूरो, गुर्दा के नहीं हैं विशेषज्ञ
- 33 पदों के सापेक्ष तैनात हैं मात्र 19 चिकित्सक
- अधीक्षक का एक पद खाली है, सीएमएस खुद देखते हैं मरीज
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। संयुक्त जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर डाल रही है, यहां हार्ट, न्यूरो, गुुर्दा, मनोरोग के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। 33 पदो के सापेक्ष मात्र 19 चिकित्सकों की तैनाती है। जिसकी वजह से मरीजों को गोरखपुर और बस्ती इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।
संयुक्त जिला अस्पताल में चिकित्सकों के कुल 33 पद हैं। जिसमें 26 पदों पर चिकित्सक तैनात हैं। उसमें से चार चिकित्सकों ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया है। यहां एक चिकित्सक निलंबित है। जबकि दो चिकित्सकों का स्थानांतरण हो चुका है। वर्तमान में कुल 19 चिकित्सक तैनात हैं। इसके साथ ही हार्ट, न्यूरो, गुर्दा, मनोरोग के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। साथ ही एक अधीक्षक का भी पद खाली है। संयुक्त जिला अस्पताल में सीएमएस के अलावा एक अधीक्षक का भी पद स्वीकृत है। इस पद पर अभी तक किसी भी अधीक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है। जिससे अस्पताल का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। हार्ट, गुर्दा, मनोरोग आदि बीमारी के प्रतिदिन 200 के करीब मरीज पहुंचते हैं। साथ ही इमरजेंसी में भी मरीज पहुंचते हैं। जिनका प्रारंभिक इलाज कर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सकों के कई कमरे खाली पड़े हुए हैं। कमरों को देखकर ही मरीज वापस चले जाते हैं। संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी फिजिशियन हैं। वह खुद मरीजों को देखते हैं।
सीएमएस से कराया इलाज
संयुक्त जिला अस्पताल में इलाज कराने आई मंजू, महेश और नीलम ने बताया कि उन्हें सीने में कुछ दर्द हो रहा था, तो सीएमएस को दिखाया। उन्होंने दवा लिखी है। इसी तरह से जयशंकर ने बताया कि उन्हें किडनी में परेशानी है। वहीं धनंजय ने बताया कि उन्हें गुर्दे की दिक्कत है, चिकित्सकों को दिखाया तो उन्होंने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में दिखाने की सलाह दी।
हार्ट, न्यूरो, गुुर्दा, मनोरोग के चिकित्सकों की कमी है। जिसकी वजह से परेशानी हो रही है। उनके पास भी मरीज आते हैं तो वह देख लेते हैं। चिकित्सकों की उपलब्धता के लिए महानिदेशालय को पत्र लिखा गया है। चिकित्सक मिलने पर उन्हें तैनाती दी जाएगी।
डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस