अकीदत के साथ अदा की गई दूसरे जुमा की नमाज
रोजेदारों ने आसमां की तरफ हाथ उठाकर अपने गुनाहों की खुदा से माफी मांगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। क्षेत्र के विभिन्न गांव, कस्बों व बाजारों में स्थित मस्जिदों में रमजान-उल-मुबारक के दूसरे जुमा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। मुसलमानों ने खुदा से अपने किए गुनाहों की माफी मांगी। इसके साथ ही मुल्क की तरक्की व खुशहाली भाईचारे के लिए भी दुआ की।
सेमरियावां मदनी मस्जिद के इमाम कारी नसीरुद्दीन ने कहा कि रमजान अल्लाह का महीना है। इस बरकत, मगफिरत व रहमत का महीना बड़े खुशनसीब लोगों को मिलता है। मुसलमान जिस तरह से इस माह में नमाज और खुदा की इबादत करते रहे हैं, अन्य महीनों में भीे इसी तरह इबादत करते रहें। उन्होंने कहा कि रमजान-उल-मुबारक का दूसरा अशरा चल रहा है। यह अशरा मगफिरत का है। इसमें अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए। क्षेत्र के करही, उसराशहीद, बाघनगर, उंचहरा कला, सेहुड़ा, दुधारा, कोहरियावां, देवरिया नासिर, दशांवा, अगया, चिउंटना, नव्वा गांव, सालेहपुर, दरियाबाद, करमाखान समेत कई गांव की जामा मस्जिदों में जुमा की नमाज अदा की गई। जुमा की नमाज पढ़ने के लिए सुबह से ही तैयारी में लगे रहे। जामा मस्जिदों में जुमा की अजान की आवाज सुनते ही बच्चे, नौजवान , बुजुर्ग साफ-सुथरे कपड़े पहनकर व इत्र लगाकर मस्जिद की ओर चल पड़े। इस दौरान जफीरअली करखी, मौलाना फुजेल नदवी, फिरोज नदवी, मास्टर महमूद, मास्टर मुबारक, मिस्बाहुद्दीन, मिन्हाज अख्तर, मौलाना मुजीबुर्रहमान, मसीहुद्दीन आदि मौजूद रहे।