संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट काशिफ शेख ने दोषी को चार वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि 27 मार्च 2003 को महुली थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव अपने सहयोगी सिपाहियों के साथ शांति व्यवस्था के दृष्टिकोण से मोलनापुर से काली की तरफ आ रहे थे। उसी दौरान पीडारी तिराहे पर सूचना मिली कि गोनौरा निवासी रामबदन तिवारी गिरोह बनाकर लूट, चोरी सहित अन्य अपराध करता है।
वह खुद के साथ अपने साथियों के आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए अपराध करता करता था। उसके खिलाफ कोई व्यक्ति गवाही देना नहीं चाहता था। सूचना पर रामबदन तिवारी को पकड़ा गया। उसके विरुद्ध महुली थाने में पांच मुकदमे दर्ज थे। मामले में थाना महुली में गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में भेजा गया था। अभियोजन की तरफ से आठ गवाहों की गवाही कराई गई।