मगहर कबीर चौरा परिसर में आया आमी नदी का पानी।संवाद
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कबीर के चरण छूने को बेताब है आमी नदी
कबीरचौरा परिसर में घुसा आमी का पानी
रसूलाबाद और मोहम्मदपुर कठार गांव बाढ़ के पानी से घिरा
लोगों को आने-जाने में परेशानी, पशुओं के चारे का खड़ा हुआ संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली के पूर्वी छोर को छूती हुई बहने वाली आमी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। कबीरचौरा परिसर में पानी घुसने से ऐसा लगा रहा है कि आमी नदी कबीरदास के चरण को छूने को बेताब है। इसके साथ ही रसूलाबाद गांव बाढ़ की चपेट में आ गया है। किसानों की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। सबसे अधिक दिक्कत पशुओं के चारे को लेकर हो रही है। अब तक प्रशासन की ओर से पीड़ितों को कोई मदद नहीं मिली है।
कबीरचौरा परिसर में आमी का पानी चढ़ आया है। इसके अलावा रसूलाबाद, मोहम्मदपुर कठार आमी के पानी से घिर गया है। इसमें सबसे अधिक परेशानी रसूलाबाद गांव के लोगों को हो रही है। ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। किसानों की फसल भी पानी में डूब गई है। जबकि कबीरचौरा परिसर में मगहर महोत्सव ग्राउंड, शिवमंदिर परिसर में आंशिक रूप से पानी पहुंच गया है। साधु, संतों, आगंतुकों के लिए बने भोजनालय का परिसर भी पानी से डूबा हुआ है। रविवार को आमी नदी के जलस्तर में कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। रसूलाबाद के ग्राम प्रधान अनिल यादव ने बताया कि करीब एक महीने से गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिरा हुआ है। फसल बर्बाद हो चुकी है। हाईवे से गांवों में जाने वाला रास्ता भी डूबा हुआ है। पशुओं के चारे की दिक्कत हो रही है। प्रशासन इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। प्रशासन यदि गांव को जलमग्न घोषित कर देता तो पीड़ितों को शासन से सहायता मिलती। अब तक कोई जिम्मेदार मदद को आगे नहीं आया है। महंत विचारदास ने बताया कि आमी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से यहां रह रहे सभी संतों, साधुओं और पर्यटकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भोजनालय परिसर पूरी तरह से पानी में डूबा हुआ है। भोजन के लिए पानी में उतरकर जाना पड़ता है लेकिन विकास कार्य करा रही संस्था के लोगों ने प्रयास करके परिसर में जमा पानी निकालने का कार्य कर रहे हैं। अब भोजन के लिए पानी में उतरकर नहीं जाना पड़ रहा है। एसडीएम राज नारायन त्रिपाठी ने बताया कि रसूलाबाद और मोहम्मदपुर कठार गांव का वह सोमवार को निरीक्षण करेंगे और वहां के हालात की जानकारी लेंगे। यदि समस्या है तो वहां के लोगों को शासन से मिलने वाली सहायता दिलाएंगे।