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फिर उफनाई घाघरा नदी, 38 गांव बाढ़ से घिरे

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घाघरा नदी की बाढ़ के कारण नाव से आते-जाते ढोलबजा गांव के लोग।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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फिर उफनाई घाघरा नदी, 38 गांव बाढ़ से घिरे
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- खतरे के निशान पर पार गई है घाघरा नदी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। तहसील क्षेत्र के घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। इसके कारण नदी और एमबीडी बांध के मध्य बसे 38 गांवों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घाघरा नदी मंगलवार को खतरे के निशान को पार कर गई।
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करीब दो माह से घाघरा नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। इसकी वजह से गायघाट दक्षिणी, ढोलबजा, सुअरहा, चकदहा, गुनवतिया, कंचनपुर, सरैया, खरैया, दौलतपुर, सियर कला समेत 38 गांवों में खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों की खेती को नदी फसल समेत पहले ही अपने धारा में मिला चुकी है। अब तक गायघाट दक्षिणी गांव के आठ घरों को नदी में समाहित कर चुकी है। जिन लोगों के मकान नदी में विलीन हो चुके हैं वह लोग या तो तिघरा में रुके हैं या अपने रिश्तेदार और कूरी बाजार में किराए के मकान में शरण लेने को विवश हैं। गायघाट दक्षिण गांव के प्रधान प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू, जयराम, रामकेवल निषाद, राधेश्याम, अंबिका, पारस, रामदरश, रमेश, झिनकु आदि का कहना है कि दो माह से घाघरा नदी कटान कर तबाही मचा कर रही है। जिनका मकान कट गया है वह लोग इधर-उधर रहने को विवश हैं। इस समय गांव को चारों तरफ से पानी भरा पड़ा है। कुछ लोगों के घरों में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। प्रशासन के लोग घर खाली करने को बार-बार कह रहे हैं लेकिन कहा रहेगें क्या खाएंगे इसकी व्यवस्था नहीं कर रहे हैं। तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने बताया कि जरूरत के अनुसार सभी जगहों पर नाव लगाई जा चुकी है। लोगों को गांव खाली करके बाढ़ राहत केंद्र में आने को कहा जा रहा है। जहां सबका रहने व खाने का इंतजाम हैं।
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