विद्युतकर्मियों ने दिया धरना
तकनीकी कर्मियों की समस्याओं के निस्तारण की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के आह्वान पर सोमवार को विद्युत निगम के तकनीकी कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान कर्मियों ने ऊर्जा प्रबंधन पर अन्यायपूर्ण नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए समस्याओं के निस्तारण की मांग की। साथ ही कहा कि यह आंदोलन 48 घंटे तक चलेगा। इसके बाद 29 नवंबर को शक्ति भवन लखनऊ में आमरण अनशन शुरू होगा।
संघ के पूर्वांचल प्रसार सचिव भाष्कर पांडेय ने कहा कि तकनीकी संवर्ग के कर्मी लगातार सीमित संसाधन में कार्य करने को मजबूर हैं। कई बार इस मुद्दे को लेकर गुहार लगाई गई, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिला सचिव हिफुर्जरहमान अंसारी ने कहा कि तकनीकी कर्मियों की जायज मांगों का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। वेतन विसंगति, बिना अतार्किक सेवा बाध्यता की प्रोन्नति, एक अग्रिम इंक्रीमेंट, पेट्रोल भत्ता आदि मांगों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो विद्युतकर्मी कार्य बहिष्कार करेंगे। संघ के पूर्वांचल उपाध्यक्ष सुनील कुमार प्रजापति ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद भी ऊर्जा प्रबंधन दमनकारी नीतियों अपनाए हुए हैं। धरने में सूरज प्रजापति, आशीष कन्नौजिया, वाईपी चौहान, श्रवण प्रजापति, चंद्रिका यादव, दिलीप मौर्य, मंजीत रंजन, विजय कुमार, मनोज यादव, धीरेंद्र यादव, पुष्पेंद्र भारती, रमेश प्रजापति, रमाकांत मौर्य, राजेंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।