ऑपरेशन के छह घंटे बाद मरीज की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
-
भुजैनी चौराहे पर स्थित स्पर्श हॉस्पिटल में हुआ था ऑपरेशन, हंगामे के चलते मार्ग पर लग गया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
कांटे/संतकबीरनगर। ऑपरेशन के छह घंटे बाद मंगलवार रात मरीज की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने रात में भुजैनी चौराहे के पास स्थित स्पर्श हॉस्पिटल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में आसपास के लोग जुट गए और जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
विशुनपुर गांव निवासी रामसिंह(55) की पित्त की थैली का ऑपरेशन मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दिन में स्पर्श हॉस्पिटल भुजैनी चौराहे पर हुआ। रात करीब साढ़े नौ बजे रामसिंह की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने गलत ढंग से ऑपरेशन किए जाने से मौत होने का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। भीड़ हॉस्पिटल के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रही थी। धीरे-धीरे इसे देखते वालों का भी तांता लग गया और जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना पर कांटे चौकी की पुलिस पहुंची। भीड़ देखकर कोतवाल को सूचना दी गई। मृतक शख्स के बेटे संतोष चौधरी ने बताया कि उनके पिता की पित्त की थैली का ऑपरेशन स्पर्श हॉस्पिटल के डॉ. आरके चौधरी के द्वारा किया गया था। इसके छह घंटे बाद ही पिता की मौत हो गई। डॉ. आरके चौधरी ने उन लोगों की आर्थिक स्थिति देखते हुए मानवीय आधार पर दो लाख रुपये की सहायता की। अब वे लोग डॉ. चौधरी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। पिता के शव को घर ले जा रहे हैं। स्पर्श हॉस्पिटल के डॉक्टर आरके चौधरी ने भी मृतक के परिजनों पर किसी भी तरह की कोई कानूनी कार्रवाई न किए जाने की बात पुलिस से कही।
कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि रामसिंह का ऑपरेशन मंगलवार दोपहर स्पर्श हॉस्पिटल में हुआ था। इसके छह घंटे बाद रात करीब साढे़ नौ बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों और गांव के लोगों ने हॉस्पिटल के बाहर करीब दो घंटे तक हंगामा किया। कांटे चौकी की सूचना पर वह भी पहुंचे। लोगों के समझाने पर मृतक के परिजनों और अस्पताल के डॉ. आरके चौधरी के बीच सुलह की बात शुरू हुई। परिजन पांच लाख रुपये की मांग कर रहे थे। समझाने पर दो लाख रुपये की सहायता देने पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया। परिजन शव लेकर रात में ही घर चले गए। बुधवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सीएमओ डॉक्टर इंद्र विजय विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें किसी भी मरीज की मौत की सूचना नहीं है। ऐसी कोई शिकायत भी नहीं मिली है। यदि इस संबंध में कोई शिकायत मिलेगी तो टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराई जाएगी।