सुबह कोहरा, दिन में हुई बारिश से ठंड बढ़ी
-कीचड़ से सन गईं सड़कें, राहगीरों के लिए पैदल चलना मुश्किल
-ठंड व गलन से परेशान रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। शनिवार सुबह जहां घना कोहरा छाया है, वहीं दिन में बारिश होने से ठंड और बढ़ गई हैं। साथ ही बारिश से सड़कें कीचड़ से सन गई हैं। जिससे लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। ठंड व गलन अब भी बरकरार है।
शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। जिस कारण वाहनों की रफ्तार थम गई। कोहरे के असर के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग हो या फिर अन्य मार्ग वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलने को मजबूर होना पड़ा। साथ ही ठंड का भी असर दिखा। ऐसे में सुबह सड़कों पर सन्नटा छाया रहा। सुबह सैर-सपाटा के लिए निकलने वाले भी कम ही दिखाई दिए। आसमान में बादल छाए रहने के चलते सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। इस बीच दिन में करीब 11 बजे के बाद हल्की बारिश हुई। यह सिलसिला करीब साढ़े तीन बजे तक बना रहा। ऐसे में सड़कें कीचड़ से सन र्गईं। खलीलाबाद कस्बे के मुख्य मार्ग मेंहदावल बाईपास से आजाद चौक, गोलाबाजार, बैंक चौराहा, शुगर मिल तिराहा, विधियानी रोड आदि मार्गों पर कीचड़ के कारण पैदल आना-जाना मुश्किल हो गया है। गोलाबाजार में डिवाइडर का निर्माण चल रहा है, जिससे निकलने वाली मिट्टी के चलते फिसलन बढ़ गई है। ऐसी ही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिली। बखिरा मार्ग पर निर्माण कार्य चल रहा है, ऐसे में बारिश के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ठंड व गलन के चलते लोग अलाव के सहारे हो गए। मेंहदावल बाईपास पर ओवरब्रिज के नीचे लोगों की भीड़ बारिश से बचने के लिए लगी रही। शाम के समय सड़कों पर फिर सन्नाटा छा गया।
किसानों के लिए कहीं राहत तो कहीं आफत
बारिश होने से गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। किसानों को सिंचाई करने से कुछ दिनों के लिए निजात मिल गई है, लेकिन सरसों व आलू की फसल के लिए यह बारिश नुकसानदायक है। सरसों पर लगे फूल गिर गए हैं। आलू की खेती में पानी लगने से सड़न होने की शंकका बढ़ गई है। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए बारिश काफी फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि आलू के खेत में यदि पानी लग गया हो तो किसान उसे निकाल दें, इससे नुकसान से बच सकते हैं।