आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित करे सरकार : सरोज
- बकाया पारिश्रमिक का भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बघौली ब्लॉक के आशा कर्मचारी यूनियन की बैठक शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघौली पर हुई। अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष सुशीला कन्नौजिया ने की। इसमें आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी घोषित करने और निश्चित मानदेय दिए जाने की हुंकार भरी गई।
यूनियन की जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि आशा व आशा संगिनी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य कर रही हैं। गर्मी में फाइलेरियारोधी दवा खिलाने में लगी हुई हैं, लेकिन सरकार हमारी समस्याओं के निस्तारण पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए और आशा को निश्चित मानदेय प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा व आशा संगिनी के कार्यों की प्रशंसा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री भी सार्वजनिक रूप से करते रहे हैं। इसके बाद भी समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है। सरकार ने दो वर्ष का कोविड प्रोत्साहन भत्ता देने की घोषणा की है, लेकिन इसका भी भुगतान अब तक नहीं किया गया। ऐसे में अब आशा कार्यकर्ता व आशा संगिनी चुप रहने वाली नहीं है। यदि सभी बकाए का भुगतान जल्द से जल्द नहीं किया गया तो संघर्ष का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। मंडल संरक्षक सुभाष उपाध्याय ने कहा कि आशा और आशा संगिनी की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हर स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार और अधिकारियों की होगी। बैठक में बीसीपीएम नंदनी राय ने भुगतान के संबंध में जानकारी देते हुए आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद अधीक्षक को भी समस्याओं से अवगत कराया गया। बैठक में शशिकला, रेनू देवी, गायत्री सिंह, मिथिलेश, सरिता श्रीवास्तव, सरिता, नीतू यादव, निर्मला देवी, लालमती, उर्मिला देवी, पूनम, मनीषा, प्रेमशिला, पुष्पा, अनुपम राई, अनुपमा पाठक, बबलू यादव, सारिका, संध्या, विद्यावती, प्रियंका सिंह, विंद्रावती, संगीता, शारदा सिंह, गुड़िया, वेद प्रकाश पांडेय, रमा देवी, वीरेंद्र कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।