संतकबीरनगर में मुर्गी दाना बनाने वाली कंपनी के 21,94,846 रुपये हड़प लेने के मामले में शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ जालसाजी और गबन का केस दर्ज किया। पुलिस विवेचना में उजागर होने वाले तथ्य के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
अमरेंद्र प्रताप सिंह पुत्र स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह रिकवरी एक्जीक्यूटिव ग्रीनवे ट्रेड काम प्राइवेट लिमिटेड रोड नंबर आठ यूपीएसआईडीसी अमौसी इंडस्ट्रियल एरिया नादरगंज लखनऊ में कार्यरत हैं। उक्त कंपनी मुर्गी दाना का उत्पादन करके विक्रय का काम करती है। इसके लिए डीलर/व्यवसायी के व्यवसाय के लेखा-जोखा के लिए लेजर एकाउंट बनाया जाता है, जो ब्रांड हेड के अनुमोदित अंडरटेकिंग प्रपत्र पर हस्ताक्षर एवं संबंधित व्यापारी के डीलर की डॉटा शीट को पूर्ण करके डीलर के हस्ताक्षर व ब्रांड हेड के अनुमोदन हेतु हस्ताक्षर पर ही संबंधित डीलर के नोटरी हलफनामा जमा किए जाने पर डीलर के नाम से या उसके फर्म के नाम से लेजर एकाउंट बनता है।
इसमें पूरा विवरण अंकित रहता है। आरोप है कि उक्त कंपनी के भूतपूर्व नियुक्त ब्रांड हेड भरत कुमार उपाध्याय ने वर्ष 2018 में डीलर मोहम्मद वकील निवासी खलीलाबाद का मुर्गी दाना व्यवसाय के लिए स्वयं के अनुमोदित हस्ताक्षर सहित अंडरटेकिंग प्रपत्र व मोहम्मद वकील के नोटरी हलफनामा नियमानुसार बना कर, जिस पर निवास का पता मोहद्दीपुर, गोरखपुर अंकित है, दाखिल कर उनके डीलर डाटा शीट पर उसका व अपना हस्ताक्षर कर व्यवसाय शुरू कराए थे।
20 दिसंबर 2018 से प्रारंभ करके मई 2019 तक मुर्गीदाना का कुल व्यवसाय 87,17,691 रुपये का हुआ। डीलर मोहम्मद वकील के जरिए 47,71,650 रुपये कंपनी के खाता नंबर में जमा किया गया। जबकि विभिन्न मद का 21,94,846 रुपये बकाया भुगतान के लिए शेष रह गया। आरोप है कि बकाया रकम बगैर जमा कराए ही भरत कुमार उपाध्याय सितंबर 2020 को कंपनी से त्यागपत्र देकर दूसरी कंपनी में चले गए। आरोप है कि उक्त लोग उनकी कंपनी के 21,94,846 रुपये हड़प लिए।
कोतवाल मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि इस मामले में भरत कुमार उपाध्याय निवासी माधोरामापुर थाना परसीपुर जिला संत रविदासनगर भदोही, फर्जी डीलर मोहम्मद वकील निवासी अज्ञात, नोटरी हलफनामा में गवाह विश्वजीत राय निवासी अज्ञात और तत्कालीन सेल्स मैनेजर नाम-पता अज्ञात के खिलाफ जालसाजी और गबन का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएंगे, आगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।