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एनजीटी की तीन टीमों ने असमोली के 20 से अधिक गांवों में लिए पानी के नमूने

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असमोली ब्लॉक के गांव बिलालपत में प्राथमिक विद्यालय में लगे हैंडपंप से पानी के नमूने लेती टीम। - फोटो : SAMBHAL
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ओबरी (संभल)। असमोली क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में बुधवार को एनजीटी की तीन टीमों ने पानी के नमूने लिए हैं। कुछ स्थानों से मिट्टी के भी नमूने लिए गए हैं। टीम ने चीनी मिल क्षेत्र के आसपास गांवों का पानी प्रदूषित होने का अंदेशा जताया है। इसलिए पानी के नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। इससे पहले असमोली ब्लॉक परिसर में अधिकारियों की बैठक भी हुई। इसमें कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
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एनजीटी की टीम ने पेयजल की समस्या को लेकर 24 से अधिक जनपद स्तरीय अधिकारियों से जानकारी इकट्ठा की। इसके बाद मिल के आसपास के गांवों में ग्रामीणों से बात कर सरकारी हैंडपंपों के पानी का नमूना लिया। नमूमों को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया। एनजीटी की केंद्रीय टीमें गुरुवार को भी गांवों में पेयजल नमूने इकट्ठा करेंगी।
इस संबंध में एसडीएम रमेश बाबू, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अजय सक्सेना, रविंद्र कुमार एई जल निगम, जगजीत सिंह, युवा कल्याण अधिकारी, एसपी सिंह खंड विकास अधिकारी असमोली सहित अलग-अलग विभागों के 24 से अधिक अफसरों के साथ बैठक की। केंद्रीय टीम ने ए, बी, सी तीन टीमों का गठन किया। जिसमें ए टीम ने शाहपुर सिरपुड़ा, इकरोटिया, भूड़ा बेगमपुर, राया बुजुर्ग, मदाला, दबोई आदि गांवों में जाकर पेयजल के बारे में जानकारी की। हैंडपंपों से पानी के नमूने लिए, जबकि एनजीटी की बी टीम ने असमोली, रामनगर, शफातनगर, शाहपुर सोत, बिलालपत सहित अन्य गांवों में ग्रामीणों से हैंडपंप के पानी के बारे में बातचीत की और नमूने लिए। उप जिलाधिकारी रमेश बाबू ने बताया कि एनजीटी की केंद्रीय टीम ने पानी के नमूने लिए हैं। यह टीम गुरुवार को भी चीनी मिल के आसपास नमूने एकत्र करेगी और लैब भेजेगी। सही जानकारी पानी की जांच के बाद ही मालूम हो पाएगी।
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