संभल। सिरसी के पूर्व चेयरमैन के खिलाफ कार्रवाई न होने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में नगरवासियों ने तहसील परिसर पहुंचकर आमरण अनशन शुरू किया। आमरण अनशन पर दो समुदायों की अपनी-अपनी अलग-अलग मांगें थीं। जहां हिंदु समुदाय के लोगों का कहना था कि पूर्व चेयरमैन ने धार्मिक स्थल की आराजी पर कब्जा किया है, उसे हटवाया जाए। तो वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना था कि पूर्व चेयरमैन ने धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए चंदा एकत्र किया लेकिन उस चंदे से अपने लिए जमीन खरीदी। इसकी जांच की जाए। हालांकि शाम को प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद आमरण अनशन को खत्म कर दिया गया है।
गुरुवार को सिरसी के नागरिक बड़ी संख्या में तहसील पहुंचे और आमरण अनशन पर बैठ गए। नागरिकों ने कहा कि पूर्व चेयरमैन के कार्यकाल में हुए बगैर मानक तमाम कार्य हुए। धनराशि का बंदरबांट किया गया। धार्मिक स्थल की आराजी पर कब्जा किया गया। प्रकाश व्यवस्था के लिए बजट में भी गोलमाल कर दिया। आमरण अनशन की अगुवाई कर रहे विमल सैनी ने कहा कि पूर्व चेयरमैन की ओर से धार्मिक स्थल पर भी कब्जा किया गया। विकास कार्यों में भी गड़बड़झाला किया गया। जिला प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक इसकी शिकायतें की गईं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। कहा गया कि पूर्व चेयरमैन चुनाव जीतने से पहले मामूली आर्थिक स्थिति के व्यक्ति थे। अब घपलेबाजी कर काफी संपत्ति कर ली है। इसकी जांच होनी चाहिए। इन शिकायतों को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। तय कार्यक्रम के अनुसार आमरण अनशन पर बैठे। लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए चंदा एकत्र किया गया लेकिन उसका निर्माण नहीं कराया।
चंदा से अपने नाम जमीन खरीदी। बाद में पता चला तो शिकायत करने पर अभ्रदता की गई। इस बीच उपजिलाधिकारी ने आमरण अनशन कर रहे कुछ लोगों से वार्ता की लेकिन दिन में यह वार्ता बेनतीजा रही। शाम को हिंदू जागरण मंच के प्रांत संयोजक कपिल दिवाना ने मध्यस्था की। प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद आठ बजे आमरण अनशन खत्म कर दिया गया।